महाराष्ट्र के पुणे जिले के मोशी इलाके में इमारत ढहने के बाद राहत और बचाव अभियान रातभर जारी रहा। गुरुवार सुबह 6:30 बजे तक मलबे से 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार मलबे में अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है। जिन्हें निकालने के लिए एनडीआरएफ, सेना, दमकल और स्थानीय प्रशासन की टीमें युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
NDRF और सेना की टीमें सर्च ऑपरेशन में जुटी
एनडीआरएफ की 5वीं बटालियन, भारतीय सेना, पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (PCMC), फायर ब्रिगेड, पुलिस और अन्य एजेंसियां बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। रेस्क्यू टीम आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे की लगातार तलाश कर रही हैं। हर संभावित स्थान पर सावधानीपूर्वक मलबा हटाकर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
भारी बारिश के बीच हुआ था हादसा
यह हादसा बुधवार दोपहर करीब 1:45 बजे मोशी के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट परिसर में हुआ। यहां तीन मंजिला इमारत के पास पुराने कचरे का विशाल ढेर बना हुआ था। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कचरे का यह ढेर भूस्खलन की तरह इमारत पर गिर गया, जिससे पूरी इमारत ढह गई। हादसे के समय इमारत में कई कर्मचारी मौजूद थे, जो मलबे में फंस गए। इनमें एंटनी लारा रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी के कर्मचारी भी शामिल थे, जो पीसीएमसी के साथ मिलकर 14 मेगावाट के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट का संचालन करती है।
600 मिमी से ज्यादा बारिश बनी हादसे की वजह
महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने बताया कि पिछले 30 से 35 घंटों में इलाके में 600 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई।जिससे कचरे के पहाड़ में बड़ी मात्रा में पानी भर गया। इस कारण कचरे का ढेर अचानक खिसक गया और इमारत पर गिर गया। अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कुछ फंसे लोगों से संपर्क भी स्थापित किया गया था। बचाव दल ने उन्हें पानी और बिस्कुट भी पहुंचाए, लेकिन उनके पैरों पर भारी मलबा होने की वजह से उन्हें निकालने में काफी मुश्किल आ रही है।
युद्धस्तर पर जारी राहत कार्य
प्रशासन का कहना है कि जब तक सभी लोगों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता, तब तक राहत और बचाव अभियान लगातार जारी रहेगा। मौके पर मेडिकल टीमों और एंबुलेंस को भी तैनात किया गया है ताकि बचाए गए लोगों को तुरंत इलाज मिल सके।
