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होली और दिवाली पर सरकार की बड़ी सौगात; दिल्ली के 15 लाख परिवारों को दो-दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने का ऐलान

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में गरीब परिवारों के लिए मुफ्त एलपीजी सिलेंडर योजना और ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ की शुरुआत करेंगी। यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। नई योजना के तहत वित्तीय सहायता को बढ़ाते हुए इसे डिजिटल और पारदर्शी स्वरूप दिया गया है, ताकि लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे।

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होली और दिवाली पर जरूरतमंद परिवारों को दो-दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की योजना (सांकेतिक फोटो)

Photo : iStock

Delhi News: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सोमवार को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान होली और दिवाली के मौके पर 15 लाख जरूरतमंद परिवारों को दो-दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने की योजना की शुरुआत करेंगी। इसके साथ ही महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार की ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ का भी विधिवत शुभारंभ किया जाएगा। एक अधिकारी ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ विषय पर विशेष समारोह आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मु इन दोनों योजनाओं के अलावा अन्य कल्याणकारी पहलों की भी शुरुआत करेंगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह आयोजन महिला सशक्तिकरण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यक्रम का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने क्या बताया?

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का स्तर और उससे जुड़ी लागत तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक सशक्त और दूरदर्शी योजना की जरूरत महसूस की गई। इसी उद्देश्य से पहले संचालित ‘लाडली योजना’ को विस्तारित और पुनर्संरचित कर अब ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ के रूप में लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि पूर्व व्यवस्था के अनुसार, यदि बच्ची का जन्म किसी सरकारी या मान्यता प्राप्त संस्थान में होता था तो उसके नाम पर 11,000 रुपये जमा किए जाते थे, जबकि घर पर जन्म होने की स्थिति में 10,000 रुपये की राशि निर्धारित थी। इसके अलावा कक्षा 1, 6 और 9 में दाखिले के समय, कक्षा 10 उत्तीर्ण करने पर तथा कक्षा 12 में प्रवेश के अवसर पर 5,000 रुपये की अतिरिक्त राशि जमा की जाती थी। यह पूरी राशि ब्याज सहित बालिका के 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर निकाली जा सकती थी।

किस्तों में जमा किए जाएंगे 56,000 रुपये

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि नई योजना में आर्थिक सहायता की राशि के साथ-साथ इसकी व्यापकता भी पहले से काफी बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि अब बालिका के नाम पर कुल 56,000 रुपये किस्तों में जमा किए जाएंगे। इस राशि पर मिलने वाले ब्याज को जोड़ने पर 21 वर्ष की आयु तक यह रकम एक लाख रुपये से अधिक होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि बेटियों के लिए स्नातक डिग्री या व्यावसायिक डिप्लोमा प्राप्त करना सामान्य उपलब्धि बने, न कि कोई असाधारण बात। उन्होंने यह भी बताया कि पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी। जमा की गई राशि का प्रबंधन एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा किया जाएगा और इसे एसबीआई लाइफ धनराशि साधन योजना के तहत निवेश किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि विभाग की ओर से जमा की जाने वाली धनराशि बालिका की बढ़ती आयु के साथ बढ़ती जाएगी। परिपक्वता अवधि पूरी होने पर संपूर्ण संचित राशि सीधे लाभार्थी के आधार से लिंक किए गए बैंक खाते में भेज दी जाएगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और प्रत्यक्ष वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा।

(इनपुट - आईएएनएस)

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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