प्रयागराज में महाकुम्भ मेले का आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी के बीच हुआ था। 45 दिन के इस महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाई थी। पूरे महाकुम्भ के दौरान हर रोज करोड़ों श्रद्धालुओं के प्रयागराज पहुंचने से प्रयागराज और उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को काफी मजबूती मिली। स्वयं मुख्यमंत्री भी इस संबंध में बात कर चुके हैं। महाकुम्भ के दौरान आपने पुण्य स्नान किया, लेकिन इसी दौरान प्रयागराज के ऑटोरिक्शा, रिक्शा, मोटरसाइकिल, नाव वाले, फूड वेंडर आदि ने जमकर कमाई की। इसका एक उदाहरण प्रयागराज के एक परिवार है। इस परिवार ने 45 दिन के महाकुम्भ के दौरान नाव चलाकर 30 करोड़ रुपये की कमाई की।
जी हां, इस परिवार ने हर रोज करीब 66 लाख रुपये कमाए। यह कमाई सिर्फ और सिर्फ नाव चलाकर ही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज के इस नाविक परिवार की कहानी शेयर की है। पिंटू माहरा नाम के इस नाविक के परिवार ने प्रयागराज में अरैल श्रेत्र से संगम की ओर फेरी से 30 करोड़ की कमाई की है। इस नाविक परिवार ने VVIP और आम श्रद्धालुओं को संगम घाट पर पवित्र स्नान कराया। इस परिवार के पास कुल 130 नावें हैं, जिनसे उन्होंने 45 दिन के महाकुम्भ के दौरान 30 करोड़ की कमाई की।
पिंटू का कहना है कि उनके एक साहसिक कदम ने उनके परिवार का जीवन बदलकर रख दिया है। उन्होंने इसे दैवीय आशीर्वाद बताया। उनका कहना है कि उनके परिवार में 100 से ज्यादा सदस्य हैं। महाकुम्भ के दौरान भारी मात्रा में श्रद्धालुओं के आने का उन्हें अंदाजा था। इसीलिए उन्होंने महाकुम्भ की शुरुआत से पहले ही अपने परिवार में मौजूद 60 नावों की संख्या को बढ़ाकर 130 कर लिया।
पिंटू के परिवार की किस्मत बदलने का प्रयागराज में यह इकलौता मामला नहीं है। महाकुम्भ से कई अन्य नाविकों के परिवारों की किस्मत बदल गई है। अब अपने लोन चुकाने के बाद उन्होंने अपना भविष्य भी सुरक्षित कर लिया है। पिंटू माहरा का कहना है कि 2019 कुम्भ का उनका अनुभव इस बार काम आया। उस समय 24 करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज आए थे। उस अनुभव के आधार पर ही उन्होंन महाकुम्भ 2025 में श्रद्धालुओं का सही अनुमान लगाया और परिवार में 70 और नावें खरीदीं।
नावों की संख्या बढ़ाने के लिए पिंटू ने परिवार में महिलाओं की ज्वैलरी को इसमें निवेश कर दिया। उनका यह कदम उनके और उनके परिवार के लिए काफी लाभप्रद रहा। महाकुम्भ से उनके परिवार की इतनी इनकम हुई की अब उनके परिवार की आगे की पुश्तों का भविष्य सुरक्षित हो गया है।
पिंटू की मां शुक्लावती देवी के लिए महाकुम्भ से हुई कमाई उनकी सोच से ज्यादा है। उन्होंने अपने पति की मृत्यु के बाद परिवार के सामने आई विपत्तियों को याद किया और कहा कि महाकुम्भ 2025 उनके परिवार के लिए बहुत ही लाभप्रद रहा। उन्होंने कहा, 'अब मैं अपने बच्चों को अच्छे स्कूल में बढ़ा सकती हूं।'
