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PM Modi in Mathura: गिरधर गोपाल के दर पर झुके PM नरेंद्र मोदी, अलौकिक छवि देख भाव-विभोर हुए प्रधानमंत्री

मथुरा पहुंचकर पीएम मोदी ने कहा कि श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दिव्य पूजन का सौभाग्य मिला। ब्रज के कण-कण में बसे गिरधर गोपाल के मनोहारी दर्शन ने भाव-विभोर कर दिया!

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कृष्ण के दरबार में पीएम मोदी

Photo : Twitter

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार की शाम मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर खुद को धन्य माना। इस दौरान उन्होंने भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना की। मंदिर के अंदर प्रवेश करते ही पीएम जगत के दाता परमेश्वर भगवान कृष्ण की अलौकिक छवि को निहारते रह गए। पीएम की आगवानी के लिए वहां के पुजारियों ने पूरी व्यवस्था कर रखी थी।

गिरधर गोपाल के दरबार में पीएम मोदी

गिरधर गोपाल के दरबार में पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी भगवान श्री कृष्ण की भक्त मीराबाई के 525वें जन्मोत्सव में शामिल हुए। यहां पीएम मोदी ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर गर्भ गृह में पूजा और दर्शन किया। वे भागवत भवन के लिए ऊपरी तल पर गए। पीएम मोदी, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, सीएम योगी, पुजारी सहित कुल 17 लोगों ने भागवत भवन में पूजा की।

गिरधर गोपाल के दरबार में पीएम मोदी

गिरधर गोपाल के दरबार में पीएम मोदी

पीएम ने अपने 'एक्स'पर लिखा कि श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दिव्य पूजन का सौभाग्य मिला। ब्रज के कण-कण में बसे गिरधर गोपाल के मनोहारी दर्शन ने भाव-विभोर कर दिया! मैंने उनसे देशभर के अपने सभी परिवारजनों के लिए सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।

गिरधर गोपाल के दरबार में पीएम मोदी

गिरधर गोपाल के दरबार में पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि मथुरा और ब्रज विकास की दौड़ में पीछे नहीं रहेंगे। यहां भगवान के दर्शन और भी दिव्यता से होंगे। मुझे खुशी है कि यहां ब्रज तीर्थ विकास की स्थापना की गई है। संतों ने कहा है कि वृंदावन सा वन नहीं, नंदगांव जैसा गांव नहीं और वंशी वट जैसा कहीं वट नहीं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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