पिथौरागढ़: उत्तराखंड के जिले में मंगलवार की देर शाम एक बड़ा हादसा हो गया। यहां धारचूला-लिपुलेख मार्ग पर लखनपुर के पास पांगला में एक टैक्सी के काली नदी में गिर जाने से उसमें सवार सभी छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई । पिथौरागढ़ के पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह के मुताबिक हादसा देर शाम हुआ, जब श्रद्धालु आदि कैलाश के दर्शन कर लौट रहे थे। मृतकों में से दो श्रद्धालु बेंगलुरू के तथा दो अन्य तेलंगाना के हैं और दो व्यक्ति उत्तराखंड के हैं ।
सीएम धामी ने जताया शोक
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अंधेरा होने और विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण अभी शवों की बरामदगी का काम शुरू नहीं हो पाया है। बुधवार सुबह से तलाशी कार्य शुरू किया जाएगा। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना का शिकार होने वालों में दो श्रद्धालु बेंगलुरू के तथा दो अन्य तेलंगाना के हैं और दो व्यक्ति उत्तराखंड के रहने वाले हैं। वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सड़क दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति तथा उनके शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने की कामना की है।
2 वाहन आए आमने सामने
दरअसल, मंगलवार को एक सवारी जीप आदि कैलास से धारचूला और दूसरी धारचूला से उच्च हिमालय की ओर जा रही थी। बताया जा रहा है कि धारचूला से करीब 30 किमी आगे तंपा मंदिर के निकट मोड़ पर दोनों वाहन आमने-सामने आ गए। इतने में दुर्घटनाग्रस्त जीप का चालक नियंत्रण खो बैठा और वाहन चट्टानों वाली खाई से होते हुए काली नदी किनारे तक पहुंच गया। इस स्थान पर मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलते। ऐसे में दूसरे जीप चालक ने नेटवर्क वाली लोकेशन पर पहुंचकर पांगला थाना और धारचूला कोतवाली को सूचना दी।
यहां के रहने वाले थे श्रद्धालु
सूचना पाते ही पांगला पुलिस रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके को रवाना हुई। वहीं, जिला प्रशासन के निर्देश पर एसडीआरएफ भी मौके पर पहुंची। तब से खाई में उतर कर रेस्क्यू करने का प्रयास जारी है। जीप पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना की सूचना देने वाले चालक के मुताबिक, वाहन में ड्राइवर के अलावा पांच लोग सवार थे। माना जा रहा है कि आदि कैलास यात्री किसी टूर एजेंसी के माध्यम से नहीं गए थे। वाहन में बेंगलुरू निवासी सत्यवर्धा परीदा, नीलप्पा रैनोल, मनीष मिश्रा और प्रज्ञा वार्षम्या के अलावा स्थानीय चालक हरीश कुमार और विरेंद्र कुमार के ही होने की संभावना है। दुर्घटनास्थल पर शाम से हो रही वर्षा के बाद पत्थर गिर रहे हैं, जिसके चलते रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना मुश्किल था, लिहाजा बुधवार की सुबह से ही खोज एवं बचाव कार्य चलेगा।
