बिहार के वैशाली जिले से हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। दरअसल यहां एक सर्प विशेषज्ञ जेपी यादव को सांप ने काट लिया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। जेपी यहां के राजापाकर प्रखंड में बाकरपुर पंचायत के गंगाजल गांव के मूल निवासी थे। जेपी यादव विषैले सांपों को पकड़ने में माहिर थे।
इससे पहले जेपी कई बार विषैले सांपों को पकड़कर कई लोगों की जान बचा चुके थे। सांप पकड़ने के दौरान वह कभी भी डरते नहीं थे। जेपी यादव के इस हुनर की वजह से न सिर्फ कई लोगों की जान बची, बल्कि उन्होंने पर्यावरण संतुलन में भी अहम योगदान दिया।
हमेशा की तरह वह रविवार 6 जुलाई की शाम एक बार फिर जहरीले सांप को पकड़ने गए थे। लेकिन उन्हें क्या पता था कि विषैले सांप को पकड़ने की यह उनकी आखिरी कोशिश साबित होगी। दुर्भाग्य से विषैले सांप को पकड़ने के दौरान उसने जेपी को काट लिया, जिसके बाद जेपी की मृत्य हो गई।
इस दौरान जेपी की गलती यह रही कि वह लोगों को दिखाने के लिए सांप के साथ खेलने लगे और उन्होंने सावधानी नहीं बरती। जब उन्होंने सांत को पीछे से पकड़ा तो सांप ने पलटकर उनके हाथ में काट लिया। इसके बाद भी वह सांप को पकड़कर प्लास्टिक के डिब्बे में डालने की कोशिश करते हुए दिखाई देते हैं। इसी दौरान सांप का जहर शरीर में फैलने पर वह निढाल होकर गिर गए।
जेपी की मौत पूरे क्षेत्र के लिए बड़ा नुकसान है। व निस्वार्थ भावना से विषैले सांपों को पकड़कर उन्हें आबादी से दूर ले जाते थे। अब लोगों को विषैले सांपों से बचाने के लिए जेपी यादव नहीं हैं। उनकी सरलता और समाज सेवा की भावना सभी के लिए प्रेरणास्रोत है, लेकिन कोई भी जेपी की जगह नहीं ले सकता।
जेपी के परिवार के प्रति पूरे क्षेत्र के लोगों ने संवेदना व्यक्त की। जेपी का इस तरह से जाना उनके परिवार के साथ ही पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। जेपी ने अपने पीछे लोगों की सेवा और साहस की अनोखी विरासत छोड़ी है, जो लोगों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।
