पटना

Bihar:ये है दुनिया का सबसे बड़ा कीट! बगहा में ग्रामीण कर रहे एटलस मॉथ की पूजा, पंखों पर है सांप जैसी आकृति

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  • Updated Sep 27, 2022, 01:15 AM IST

दुनिया की सबसे बड़ी तितली एटलस मॉथ हरनाटांड़ के गांव काला बैरिया में बैठी दिखी। इसके पंखों पर सांप जैसी आकृति देख ग्रामीणों ने इसे नवरात्रि में वनदेवी मां समझ कर इसकी पूजा करनी शुरू कर दी। वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट के मुताबिक, यह तितली दुर्लभ है। इसका दिखना प्रकृति में सुधार का एक सुखद संकेत है।

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दुनिया की सबसे बड़ी तितली एटलस मॉथ हरनाटांड़ के गांव काला बैरिया में बैठी दिखी

बिहार के बगहा इलाके में दुनिया की सबसे बड़ी तितली एटलस मॉथ मिली है। जानकारी के मुताबिक, तितली हरनाटांड़ के गांव काला बैरिया में बैठी दिखी। इसके पंखों परसांप जैसी आकृति देख ग्रामीणों ने इसे नवरात्रि में वनदेवी मां समझ इसकी पूजा करनी शुरू कर दी। पहले तो ग्रामीण इसे सांप समझ कर डरे। मगर कुछ ग्रामीणों ने हिम्मत जुटाकर इसे पास जाकर देखा तो उन्हें इसका आकार व रंग रूप कुछ अलग दिखाई दिया। हालांकि एक बार तो गांव में डर का माहौल हो गया। मगर बाद में बारीकी से जांच की तो लोगों को ये देवी का अवतार लगी। इसके बाद गांव के लोगों ने इसकी पूजा शुरू कर दी। इसके आगे ग्रामीणों ने घी के दीपक जलाए तो कुछ ने अगरबत्तियां जलानी शुरू कर दी। हालांकि कुछ लोग इसे प्रेत मान रहे थे।

दुर्लभ प्रजाति की तितली है एटलस मॉथ

वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट कमलेश मौर्य के मुताबिक, एटलस प्रजाति की यह तितली दुर्लभ है। इनमें एक खास बात ये होती है कि, अन्य जीवों के उलट फिमेल एटलस मेल से बड़ी होती है व सुंदर भी। इसके पंखों का फैलाव करीब 24 सेमी होता है। ये लॉयल होते हैं। फिमेल और मेल अंडे देने के बाद उनमें से प्यूपा निकलने के बाद एक साथ मौत का इंतजार करते हैं। वन्यजीव विशेषज्ञ मौर्य के मुताबिक, इसका दिखना एक सुखद संकेत है। मतलब कि, कोविड काल के दौरान प्रकृति ने खुद को रिपेयर किया है तो कई जीवों की दुर्लभ प्रजातियां फिर से पनपने लगी हैं।

खतरा होने पर डराने के लिए पंखों का इस्तेमाल

बताया जाता है कि, इंसेक्ट्स में यह सबसे बड़ा कीट माना जाता है। इसके पंख सुंदर होते हैं, मगर उन पर बनीं सांप की आकृति इन्हें दुश्मनों से बचाने में मदद करती है। खतरा होने पर ये अपने पंखों को फड़फड़ाते हैं। जिससे दूसरे जीव सांप समझकर डर के मारे भाग जाते हैं। हाल ही में एटलस मॉथ को झारखंड के पलामू इलाके में भी देखा गया था। वन्यजीवों पर हुई रिसर्च से जानकारी सामने आई है कि, इसका बुना गया रेशम मजबूत व टिकाऊ होता है।

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