बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं और उससे पहले विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) किया जा रहा है। इसी SIR को लेकर बिहार में इन दिनों सियासत गर्म है और उसकी आंच दिल्ली तक भी महसूस की जा रही है। जहां संसद का मानसून सत्र ठीक से चल नहीं पा रहा है। विपक्ष की तरफ से चुनाव आयोग और भाजपा पर वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। विधासनभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर अपने आरोप दोहराए हैं।
नेता प्रतिपक्ष और RJD नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा अब आयोग का इस्तेमाल वोट चोरी के लिए कर रही है। उन्होंने बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपने आरोप दोहराए हैं।
तेजस्वी ने दावा किया कि मुजफ्फरपुर की मेयर निर्मला देवी और उनके रिश्तेदारों के पास दो-दो EPIC नंबर हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गुजरात के भाजपा नेता भीखूभाई पटेल बिहार में वोटर बन गए हैं। तेजस्वी ने कहा कि पहले भाजपा सीबीआई, ईडी और इनकम टैक्स का सहारा लेती थी, अब चुनाव आयोग का उपयोग कर रही है।
उन्होंने 2020 के चुनावों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने महज 12,000 वोटों के अंतर से 10 सीटें जीत ली थीं। तेजस्वी ने सबूत के तौर पर बूथ नंबर 257 और 153 पर निर्मला देवी के नाम की तस्वीरें दिखाईं, जिनमें उनकी उम्र के रिकॉर्ड अलग थे। उन्होंने बताया कि निर्मला देवी के दो देवरों के पास भी दो-दो ईपिक नंबर हैं।
इन दावों के साथ तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हुए इसे भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया।
