Sikh Circuit in Bihar: बिहार के कहलगांव की तीन पहाड़ियों को सिख सर्किट में शामिल करने की पहल की जा रही है। इनमें से एक पंजाबी बाबा पहाड़ी है, जिसे सिख समुदाय के लिए विशेष महत्व का माना जाता है। कहा जाता है कि यहां गुरु ग्रंथ साहिब स्थापित है और यह गंगा नदी के बीचोबीच मौजूद है। इस पहाड़ी को नानकशाही भी कहा जाता है, क्योंकि मान्यता है कि गुरु नानक देव यहां आए थे। इस ऐतिहासिक दावे की पुष्टि के लिए सिख धर्म से जुड़े लोगों के विचार और प्रमाण जुटाए जाएंगे।
पटना सिटी गुरुद्वारा से भी भागलपुर के प्रशासनिक अधिकारियों का संपर्क होगा। भागलपुर से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित तीन पहाड़ी क्षेत्र में पंजाबी बाबा, शांति बाबा, और बंगाली बाबा की पहाड़ियां प्रसिद्ध हैं। कहा जाता है कि पंजाबी बाबा की पहाड़ी पर सिख धर्मावलंबियों का नियमित आवागमन होता रहता है। ग्रंथी सरदार यशपाल सिंह बताते हैं कि गुरु नानक देव कहलगांव के रास्ते भागलपुर आए थे, लेकिन उनके ठहरने और रुकने के स्थानों की सटीक जानकारी भागलपुर गुरुद्वारे के पास उपलब्ध नहीं है।
पटना सिटी के गुरुद्वारा से इस तथ्य की पुष्टि हो सकती है। उन्होंने बताया कि उदासी संगत नामक एक परंपरा है, जिसे गुरु नानक देव के बेटे श्रीचंद ने स्थापित किया था। उनके अनुयायी निरंकारी बाबा कहलाते हैं, जो गुरु ग्रंथ साहिब की मान्यता रखते हैं। गुरुद्वारा के प्रधान तजेंद्र सिंह के मुताबिक, गुरु नानक देव का भागलपुर आगमन हुआ था, लेकिन उनके विश्राम स्थल का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है। वहीं, जिला पर्यटन अधिकारी मिथिलेश प्रसाद सिंह ने बताया कि भागलपुर की समृद्ध पौराणिक संस्कृति को विकसित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह समर्पित है। सिख सर्किट से तीन पहाड़ी को जोड़ने से पहले, इसकी ऐतिहासिक प्रमाणिकता की जांच आवश्यक होगी।
