पटना

बिहार चुनाव से पहले उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, तेजस्वी यादव समेत 6 नेताओं की सुरक्षा बढ़ाई गई

बिहार में इस साल होने वाले चुनाव से पहले सरकार ने छह नेताओं की सुरक्षा बढ़ा दी है। जिन नेताओं की सुरक्षा बढ़ाई गई है उनमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, अररिया के सांसद प्रदीप कुमार सिंह, बाढ़ के विधायक ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानू और जदयू के एमएलसी नीरज कुमार शामिल हैं।

Image

तेजस्वी यादव समेत 6 नेताओं की सुरक्षा बढ़ाई गई

पटना: बिहार में इस साल होने वाले चुनाव से पहले सरकार ने छह नेताओं की सुरक्षा बढ़ा दी है। जिन नेताओं की सुरक्षा बढ़ाई गई है उनमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव भी शामिल हैं।

राज्य सुरक्षा समिति की बैठक में इन नेताओं की सुरक्षा बढ़ाने का फैसला बिहार सरकार की तरफ से लिया गया है। जिन नेताओं की सुरक्षा बढ़ाई गई है उनमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, अररिया के सांसद प्रदीप कुमार सिंह, बाढ़ के विधायक ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानू और जदयू के एमएलसी नीरज कुमार शामिल हैं।

गृह विभाग की तरफ से आदेश जारी

इसको लेकर गृह विभाग की तरफ से आदेश जारी कर दिया गया है। राज्य सरकार की अनुशंसा के आधार पर राज्य सुरक्षा समिति की एक अगस्त को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है। सम्राट चौधरी अब जेड प्लस की सुरक्षा घेरे में रहेंगे। बिहार सरकार ने इन्हें एएसएल सुरक्षा के साथ जेड प्लस की सुरक्षा प्रदान की है।

तेजस्वी यादव की सुरक्षा भी बढ़ाई गई

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा को लेकर पिछले कुछ समय से सवाल उठाए जा रहे थे। अब उनकी भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सरकार ने उनकी सुरक्षा को बढ़ाते हुए जेड श्रेणी की सुरक्षा देने का फैसला लिया है। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव भी लंबे समय से सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे थे। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित धमकी मिलने की बात सामने आने के बाद से ही पप्पू यादव केंद्र और राज्य सरकार से सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इन्हें अब वाई प्लस की सुरक्षा दी गई है।

इसी तरह अररिया के सांसद प्रदीप कुमार सिंह अब वाई प्लस की सुरक्षा घेरे में रहेंगे जबकि बाढ़ के विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू की सुरक्षा भी बढ़ाकर वाई प्लस कर दी गई है। जदयू के मुख्य प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार की सुरक्षा भी सरकार ने बढ़ा दी है। नीरज कुमार अब वाई प्लस सुरक्षा घेरे में रहेंगे ।(आईएएनएस इनपुट)

Sanjeev Dubey
संजीव कुमार दुबेauthor

पत्रकारिता में मेरे सफर की शुरुआत 20 साल पहले हुई। 2002 अक्टूबर में टीवी की रुपहले दुनिया में दाखिल हुआ। शुरुआत टीवी की दुनिया के उस पहलू से हुई जहां हर खबर को उसके मुताबिक आकार दिया जाता है यानी उसे कसा जाता है। सहारा टीवी में मेरे कामकाज की शुरुआत पैकेजिंग से हुई जहां खबरों को अलग-अलग प्रारूपों में गढ़ने का काम होता है। फिर पीसीआर में आउटपुट एडिटर की भूमिका निभाने का मौका मिला जहां तुरंत निर्णय कर खबरों को ब्रेक करने की चुनौती रहती है। न्यूजरूम की गहमागमी के बीच रनडाउन तैयार करने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। यहां ब्रेकिंग, हार्ड कोर की खबरों और फीचर्ड प्रोग्रामिंग ने मेरे अनुभव का दायरा तो बढ़ाया ही उसमें गहराई एवं पैनापन भी दिया। 2011 में टेलिविजन न्यूज की दुनिया को अलविदा कहना पड़ा। अक्टूबर 2011 में Zee News की हिंदी वेबसाइट को अपनी अगवुाई में लॉन्च करने का मौका मिला। डिजिटल की दुनिया और टीवी की दुनिया में खबरें परोसने और खबरों को दिखाने का अंदाज बिल्कुल अलग था। मैं उस दौर में दस्तक दे चुका था जब टीवी भी स्मार्टफोन पर देखा जाने लगा था। डिजिटल पर भी ब्रेकिंग थी। अगर टीवी में प्रोग्रामिंग थी तो यहां भी बतौर फीचर, सॉफ्ट स्टोरीज का विशाल संसार था। एक नया मीडियम जो स्मार्टफोन पर बखूबी देखा और समझा जा सकता था। डिजिटल की इस दुनिया में टीवी और अखबार दोनों समाहित थे। यहां काम करते हुए डिजिटल न्यूज मीडिया की बारीकियां तो सीखी हीं। साथ ही जब जी न्यूज से विदाई ली तो उस समय 33 मिलियन यूजर्स के बीच 84 मिलियन पीवीज देखने की अपार खुशियां हासिल हुईं। जी न्यूज में एक लंबी पारी खेलने के बाद जुलाई 2017 में टाइम्स नाउ नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिला। 2017 में ही टाइम्स नाउ की हिंदी वेबसाइट की शुरुआत हुई। यह पहला मौका था जब टाइम्स नाउ की अगुवाई में कोई हिंदी न्यूज वेबसाइट लॉन्च हुई। यहां एक नई और युवा टीम बनी। यह टीम आक्रामक अंदाज में काम करते हुए कम समय में अपनी पहचान बनाई। डिजिटल की दुनिया के बदलते संसार में अब चुनौती पीवीज की नहीं बल्कि यूजर्स की थी, जिन्हें लाना इतना आसान नहीं थी। लेकिन टीम के जज्बे, हौसले ने असाधारण चुनौतियों को भी अपनी मेहनत एवं लगन से उसे सामान्य बनाया। डिजिटल न्यूज की दुनिया में हर पल चुनौतियों के बीच नया कुछ सीखने-समझने और कुछ कर गुजरने की प्रेरणा मिलती है। यह सिलसिला आज भी अनवरत जारी है-

और पढ़ें
End of Article