सरकार में आने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा था कि उन्हें याद है कि सरकारी नौकरी के बारे में उन्होंने क्या कहा था। लेकिन पटना की सड़कों पर बुधवार को एक तस्वीर आई जो उनके वादे पर सवाल खड़े करते हैं। हजारों की संख्या में छात्र दिसंबर के महीने में आयोजित बिहार स्टॉफ सलेक्शन कमीशन की परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे थे। लेकिन उनकी मांग को अनसूनी करते हुए कड़ाके की ठंड में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। अब इस लाठीचार्ज पर जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह की तरफ से संवेदनहीन बयान आया कि लाठीचार्ज तो होता ही रहता है। इसमें नई बात क्या है। लेकिन सवाल यह है कि जो शख्सियतें बिहार के युवाओं को सरकारी नौकरी देने की वादा कर रही थीं अगर वो साफ सुथरे तरीके से एग्जाम ना करा पाएं तो क्या वो नौकरी दे पाएगी।
नौकरी की मांग पर लाठीचार्ज का इनाम
अब छात्रों की मांग क्या है इसे समझने की जरूरत है, दरअसल बीएसएसएसी द्वारा दिसंबक के महीने में परीक्षा कराई गई थी। लेकिन पहले सत्र का पेपर लीक हो गया। इसे लेकर छात्रों ने परीक्षा को रद्द करने की मांग की थी और अपनी मांग को बुलंद करने के लिए पटना कॉलेज गेट पर प्रदर्शन कर रहे थे। बीपीएसएसएसी-सीजीएल-3 एग्जाम में करीब 9 लायक परीक्षार्थी शामिल हुए थे। पेपर लीक मामले में कुछ लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। लेकिन छात्रों की मांग है कि बेहतर होगा कि परीक्षा दोबारा कराई जाए।
