पटना

Patna: बीपीएससी अभ्यर्थियों से मिलने पहुंचे प्रशांत किशोर, प्रदर्शनकारी बच्चों से मिलकर कही ये बात

Bihar News: बिहार की राजधानी पटना में प्रदर्शन कर रहे बीपीएससी अभ्यर्थियों से मिलने जन सुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर पहुंचे। उन्होंने इस मौके पर कहा कि बात करने आया हूं। पीके कहा, शनिवार दोपहर 12 बजे तक का समय सरकार को दिया गया था कि वह प्रदर्शनकारी बच्चों से आकर मिले।

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प्रशांत किशोर ने बीपीएससी अभ्यर्थियों से की मुलाकात।

Prashant Kishore joins BPSC Aspirants: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) अभ्यर्थियों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन और उनकी मांग का मामला गरमाता जा रहा है। इस बीच शनिवार दोपहर का अल्टीमेटम पूरा हो जाने के बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर धरने पर बैठे छात्रों से मिलने गर्दनीबाग धरना स्थल पहुंचे।

BPSC के अभ्यर्थियों के साथ धरने में शामिल हुए पीके

बिहार के पटना में जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के अभ्यर्थियों के साथ शामिल हुए जो 70वीं BPSC परीक्षा की पुनर्परीक्षा की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं।

अभ्यर्थियों से मुलाकात के बाद क्या बोले प्रशांत किशोर?

जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर कहते हैं, "...सबने मिलकर तय किया है कि बिहार के बच्चों के भविष्य के लिए...कल सभी छात्र, सभी युवा, अपने भविष्य की चिंता करने वाले लोग गांधी मैदान में गांधी प्रतिमा के नीचे एक साथ बैठेंगे और मिलकर योजना तय की जाएगी कि बिहार के छात्रों का भविष्य कैसे बचाया जा सकता है...ये पूरा आंदोलन छात्रों का है, इसका नेतृत्व छात्र ही करेंगे...बिहार लोकतंत्र की जननी है, कोई नीतीश कुमार, कोई नेता इसे लाठीतंत्र नहीं बना सकता..."

प्रशांत किशोर ने पत्रकारों से चर्चा की दौरान कहा, "शनिवार दोपहर 12 बजे तक का समय सरकार को दिया गया था कि वह प्रदर्शनकारी बच्चों से आकर मिले। अभी मैं इनसे उनका विचार जानने आया हूं कि उनका मंतव्य क्या है। यहां कोई जुलूस मार्च नहीं है, मैं सिर्फ बच्चों से बात करने आया हूं।"

पीके ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखा था एक पत्र

इससे पहले जन सुराज ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक पत्र लिखा था जिसमें कहा गया था, "स्वयं परीक्षार्थियों के प्रतिनिधिमंडल से बात करें और उनकी मांगों पर न्यायसंगत निर्णय लें। अगर 28 दिसंबर 2024 को दोपहर 12 बजे तक वह परीक्षार्थियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात नहीं करते हैं और कोई उचित समाधान नहीं निकालते हैं तो जन सुराज, छात्रों के इस आंदोलन में पूरी तरह से सहयोग करेगा और परीक्षार्थियों को लेकर जन सुराज, मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचेगा।"

दरअसल, 13 दिसंबर को आयोजित संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में प्रदेश की राजधानी पटना के बापू भवन परीक्षा केंद्र में प्रश्न पत्र लीक होने की अफवाह फैल गई थी, जिसके बाद सैकड़ों उम्मीदवारों ने विरोध दर्ज कराने के लिए परीक्षा का बहिष्कार भी किया था। बीपीएससी ने दावा किया कि ऐसी अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्व थे। हालांकि, बीपीएससी ने बापू परिसर में आयोजित परीक्षा रद्द कर दी और फिर से परीक्षा आयोजित करने का आदेश दिया है। छात्र पूरी परीक्षा को रद्द कराने की मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग में धरने पर बैठे हुए हैं।

दूसरी तरफ, बीपीएससी ने साफ कर दिया है कि अन्य केंद्रों में परीक्षा रद्द नहीं की जाएगी। बीपीएससी परीक्षा को लेकर सियासत भी गर्म है। विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह भी धरना स्थल पहुंचकर छात्रों का समर्थन कर चुके हैं। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने परीक्षा रद्द कराने की मांग को लेकर बिहार बंद की घोषणा की है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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