बिहार में हाल में विपक्षी महागठबंध ने एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। इस दौरान राजधानी पटना में महागठबंधन के नेताओं पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव और कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार को राहुल गांधी व तेजस्वी यादव के ओपन रथ पर चढ़ने से रोक दिया गया था। यह घटना अब भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
NDA के नेताओं ने इस घटना को पप्पू यादव और कन्हैया कुमार का अपमान बताया है। शिवसेना (शिंदे) के नेता और पूर्व में कांग्रेस में रह चुके संजय निरुपम ने आरोप लगाया कि RJD के इशारे पर ही इन दोनों नेताओं का इस तरह से अपमान कियागया।
संजय निरुपम ने कहा कि कांग्रेस अपनी स्थिति खोती जा रही है और अपने नेताओं को अपमानित करना उसकी नई परंपरा बन गई है। उधर जनसुराज पार्टी के प्रशांत किशोर ने भी इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बिहार में कांग्रेस की स्थिति काफी कमजोर है और वह RJD की पिछलग्गू पार्टी बनकर रह गई है।
PK ने कहा कि राहुल गांधी के साथ मंच पर कौन बैठेगा, यह भी लालू यादव ही तय करते हैं, न कि कांग्रेस के कोई नेता। इस घटना ने महागठबंधन के अंदर की राजनीतिक गतिशीलता को उजाकर किया है और यह संकेत दिया है कि सहयोगी दलों के बीच संबंधों में तनाव लगातार बढ़ रहा है।
