पटना

पटना में ट्रिपल मर्डर, बुजुर्ग की हत्या कर भाग रहे बदमाशों को गांव वालों ने पकड़ा; पीट-पीटकर मार डाला

बिहार की राजधानी पटना में बुजुर्ग व्यक्ति की हत्या कर भाग रहे दो हत्यारों को ग्रामीणों ने पकड़कर मौत के घाट उतार दिया। मृतक अपराधियों की अब तक पहचान नहीं हो पाई है। उनकी पहचान की कोशिश की जा रही है।

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(सांकेतिक फोटो-Istock)

पटना : गोपालपुर थाना क्षेत्र में एक वृद्ध व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर भाग रहे दो अपराधियों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। इसके बाद दोनों अपराधियों की जमकर पिटाई कर दी गई, जिससे दोनों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, डोमन चक गांव में अज्ञात अपराधियों ने सोमवार की शाम घर के बाहर बैठे अशर्फी राय (75) की गोली मारकर हत्या कर दी।

घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी भागने लगे। इस बीच, इस घटना की सूचना गांव के लोगों को मिल गई। ग्रामीणों ने एकत्रित होकर दोनों अपराधियों को घेरकर पकड़ लिया और दोनों की जमकर पिटाई की। बताया जाता है कि अधिक पिटाई होने के कारण दोनों अपराधियों की भी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर जांच प्रारंभ कर दी है।

नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी), पटना, परिचय कुमार भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। फॉरेंसिक साक्ष्यों के संकलन के लिए एफएसएल की टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया है। साथ ही, आसपास के सीसीटीवी फुटेज का भी सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए प्रत्येक पहलू पर जांच की जा रही है।

मृतक अपराधियों की अब तक पहचान नहीं हो पाई है। उनकी पहचान की कोशिश की जा रही है। वृद्ध की हत्या के कारणों का भी अब तक पता नहीं चल पाया है। जहां वृद्ध की गोली मारकर हत्या की गई है, वहां से कुछ खोखे बरामद किए गए हैं। पुलिस ने सभी शवों को अपने कब्जे में ले लिया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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