पटना

Patna Haat: पटना में मिलेगा दिल्ली जैसा मारक मजा, एक ही जगह पर करेंगे शॉपिंग-लंच; बनने जा रहा लग्जरी हाट

Patna Haat: दिल्ली हाट की तर्ज पर पटना में 48.96 करोड़ की लागत से हाट का निर्माण होगा। यहां लोग बिहार की समृद्ध हस्तशिल्प और विभिन्न कलाओं से जुड़े अद्भुत उत्पादों की खरीदारी कर सकेंगे। प

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(फाइल फोटो)

Patna Haat: बिहारवासियों को दिल्ली की तरह पटना में हाट का मजा मिलने वाला है। सरकार 48.96 करोड़ की लागत से पटना हाट का निर्माण कराने का प्लान बना चुकी है। हाट का निर्माण गांधी मैदान के पास गोलघर के सामने किया जाएगा। इसमें तीन मंजिल का इम्पोरियम होगा, जिसमें हस्तशिल्प और बिहार की कलाओं से जुड़े उत्पाद, दो रेस्तरां, और बच्चों के लिए गेम जोन शामिल होंगे। इसके अलावा, अंडरग्राउंड पार्किंग, फायर फाइटिंग, लिफ्ट, और सीसीटीवी सिस्टम की व्यवस्था भी की जाएगी। पटना हाट स्थानीय कलाकारों को स्थायी बाजार प्रदान करेगा और शहरवासियों के लिए शॉपिंग और मनोरंजन का नया केंद्र बनेगा।

पटना हाट की लागत

हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में पटना में दिल्ली हाट जैसी बाजार बनाने की स्वीकृति मिली। पटना हाट का निर्माण 48.96 करोड़ की राशि से होगा। निर्माण के लिए गांधी मैदान के पास गोलघर के सामने जमीन चिह्नित की गई है। पटना हाट में तीन मंजिल का इम्पोरियम होगा। इम्पोरियम में हस्तशिल्प और बिहार की विभिन्न कलाओं से जुड़े उत्पाद उपलब्ध होंगे। दो रेस्तरां भी बनाए जाएंगे, जो अलग-अलग व्यंजनों की पेशकश करेंगे। बच्चों के लिए गेम जोन की व्यवस्था होगी।

पटना हाट में मिलेंगी ये सुविधाएं

अंडरग्राउंड पार्किंग, फायर फाइटिंग, लिफ्ट, और सीसीटीवी सिस्टम भी स्थापित किए जाएंगे। पटना हाट स्थानीय कलाकारों को स्थायी बाजार प्रदान करेगा। शहरवासियों को शॉपिंग के लिए नया बाजार मिलेगा, जिसमें विभिन्न प्रकार की चीजें उपलब्ध होंगी। यह स्थान टेस्टी फूड और मनोरंजन का भी प्रबंध करेगा। यह वीकेंड के लिए शहर का नया डेस्टिनेशन बन सकता है। दिल्ली हाट, जो दिल्ली में स्थित है, अपने टेस्टी स्ट्रीट फूड, म्यूजिक, कपड़ों और फेस्टिवल्स के लिए प्रसिद्ध है। यहां लोग सस्ते से लेकर महंगे सामान की खरीदारी के लिए आते हैं। यहां देशभर के सभी राज्यों का हैंडिक्राफ्ट और हैंडलूम फूड मिलता है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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