पटना

फिर भाजपा में शामिल होंगे नीतीश कुमार! पशुपति पारस ने दिए बड़े संकेत, बोले- इंतजार कीजिए

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Sep 26, 2023, 02:59 PM IST

Nitish Kumar: केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने नीतीश कुमार के भाजपा में शामिल होने को लेकर बड़े दिए हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति बलवान नहीं होता, समय बलवान होता है। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि अभी समय का इंतजार कीजिए, उनका स्वागत है।

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नीतीश कुमार

Photo : BCCL

Nitish Kumar: लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, देश की सियासी हवा बदलने लगी है। अभी तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक ने NDA से नाता तोड़कर सभी को चौंका दिया तो अब केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने नीतीश कुमार को लेकर बड़े संकेत दिए हैं। उनके बयान के बाद नीतीश कुमार के भाजपा में शामिल होने की अटकलें फिर से तेज हो गई हैं।

दरअसल, पशुपति पारस मीडिया के सवालों के जवाब दे रहे थे। इसी दौरान जब उनसे सवाल किया गया कि क्या नीतीश कुमार फिर से भाजपा में शामिल होंगे? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि व्यक्ति बलवान नहीं होता, समय बलवान होता है। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि अभी समय का इंतजार कीजिए, उनका स्वागत है। हालांकि, पशुपति पारस ने यह नहीं बताया कि नीतीश कुमार कब भाजपा में शामिल हो रहे हैं और क्या उनकी NDA में शामिल होने को लेकर कोई बातचीत चल रही है।

नीतीश ने ही दी अटकलों को हवा

नीतीश कुमार के भाजपा में शामिल होने की अटकलों को हवा तब मिली, जब खुद उन्होंने हरियाणा के कैथल में देवीलाल के जयंती समारोह से दूरी बना ली। यह कार्यक्रम इंडियन नेशनल लोकदल की ओर से आयोजित किया गया था। हालांकि, नीतीश के इस कार्यक्रम में न पहुंचने के पीछे बिहार में होने वाली कैबिनेट बैठक का हवाला दिया गया, लेकिन बाद में उन्होंने भाजपा के संस्थापकों में से एक पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जयंती समारोह में पहुंचकर सभी को चौंका दिया।

अफवाहों का खंडन करते रहे हैं नीतीश

भले ही बिहार में बदल रही सियासत को लेकर तरह-तरह की अफवाहें सामने आ रही हों, लेकिन नीतीश कुमार इन अटकलों को सिरे से खारिज करते रहे हैं। कई मौकों पर उन्होंने यह बयान दिया है कि भाजपा में फिर से शामिल होने का कोई सवाल ही नहीं है। हालांकि, नीतीश कुमार के दलबदल का इतिहास देखते हुए कुछ भी कहना असंभव है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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