पटना

बिहारवासियों को छठ का बड़ा तोहफा, 256 किमी रेल लाइन का होगा दोहरीकरण; यूपी-बिहार को फायदा

बिहार में नरकटियागंज-रक्सौल-सीतामढ़ी-दरभंगा और सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर खंडों का दोहरीकरण होना है। यह 256 किमी की दूरी को कवर करती है। रेलवे ने बिहार और आंध्र प्रदेश को संयुक्त रूप से 6,798 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी है। आइये जानते किस रूट का दोहरीकरण होना है।

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बिहारवासियों को छठ का बड़ा तोहफा, 256 किमी रेल लाइन का होगा दोहरीकरण; यूपी-बिहार को फायदा

पटना: केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने गुरुवार को 6,798 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली दो रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सीसीईए की बैठक में कहा गया कि कनेक्टिविटी प्रदान करने, यात्रा को आसान बनाने, लॉजिस्टिक लागत को कम करने, तेल आयात को कम करने और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने के लिए ये परियोजनाएं पांच साल में पूरी की जाएंगी। स्वीकृत परियोजनाओं में बिहार में नरकटियागंज-रक्सौल-सीतामढ़ी-दरभंगा और सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर खंडों का दोहरीकरण होना है। यह 256 किमी की दूरी को कवर करती है। दूसरी परियोजना के तहत आंध्र प्रदेश के अमरावती से गुजरने वाली एर्रुपलेम और नंबुरु के बीच 57 किमी की नई लाइन का निर्माण किया जाएगा। दोनों परियोजनाओं से लगभग 106 लाख मानव दिवसों का प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा।

परिवहन नेटवर्क में वृद्धि

इन परियोजनाओं से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और बिहार के आठ जिले लाभान्वित होंगे और भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में 313 किमी और जुड़ जाएगा। मंत्रिमंडल के अनुसार, "इनसे असंबद्ध क्षेत्रों को जोड़ने में लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार होगा। मौजूदा लाइन क्षमता में वृद्धि होगी और परिवहन नेटवर्क में वृद्धि होगी, जिसके परिणामस्वरूप आपूर्ति श्रृंखला सुव्यवस्थित होगी और आर्थिक विकास में तेजी आएगी।

388 गांवों को लाभ

नरकटियागंज-रक्सौल-सीतामढ़ी-दरभंगा और सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर सेक्शन के दोहरीकरण से नेपाल, पूर्वोत्तर भारत और सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए कनेक्टिविटी बढ़ेगी। साथ ही मालगाड़ियों के साथ-साथ यात्री ट्रेनों की आवाजाही भी आसान होगी, जिससे क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक विकास होगा। मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना से दो महत्वाकांक्षी जिलों (सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर) के लिए कनेक्टिविटी बढ़ेगी, जिससे 388 गांवों और लगभग नौ लाख लोगों को सेवा मिलेगी।

सीसीईए ने कहा कि ये कृषि उत्पादों, उर्वरक, कोयला, लौह अयस्क, इस्पात, सीमेंट आदि वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्ग हैं। क्षमता वृद्धि कार्यों के परिणामस्वरूप 31 एमटीपीए (मिलियन टन प्रति वर्ष) अतिरिक्त माल यातायात होगा। बता दें कि एर्रुपलेम-अमरावती-नम्बुरु रेल लाइन परियोजना आंध्र प्रदेश के एनटीआर विजयवाड़ा और गुंटूर जिलों और तेलंगाना के खम्मम जिले से होकर गुजरती है। नई लाइन परियोजना 168 गांवों और लगभग 12 लाख लोगों को नौ नए स्टेशनों के साथ कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।

कैबिनेट ने कहा कि नई लाइन का प्रस्ताव आंध्र प्रदेश की प्रस्तावित राजधानी अमरावती को सीधा संपर्क प्रदान करेगा और उद्योगों और आबादी के लिए गतिशीलता में सुधार करेगा, जिससे भारतीय रेलवे के लिए बेहतर दक्षता और सेवा विश्वसनीयता मिलेगी।"

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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