पटना

संघर्ष सदियों का! उपेक्षा नहीं सलाम ठोकेगी दुनिया, दारोगा बन ट्रांसजेंडर मानवी मधू ने समाज को दी नई दिशा; ऐसे पाया मुकाम

मानवी मधू भारत की पहली महिला ट्रांसजेंडर एसआई बनी हैं। बिहार में इस बार चुने गए तीन सब -इंस्पेक्टर में से वह एकलौती महिला ट्रांसजेंडर हैं। मंगलवार को अनाउंस हुए रिजल्ट में मानवी मधू कश्पय का भी नाम शामिल था-

Image

देश की पहली महिला ट्रांसजेंडर एसआई

KEY HIGHLIGHTS
  • देश की पहली महिला ट्रांसजेंडर SI
  • भागलपुर की रहने वाली हैं मानवी मधू
  • आसान नहीं था मानवी का सफर

Patna: जहां चाह होती है वहां राह मिल ही जाती है। इसी बात को बिहार के भागलपुर की रहने वाली मानवी मधू कश्यप ने साबित कर दिखाया है। भागलपुर के एक छोटे से गांव की रहने वाली मानवी मधू कश्यप ने इतिहास रच दिया है। वह देश की पहली महिला ट्रांसजेंडर सब-इंस्पेक्टर बनी हैं। उनकी मेहनत और प्रयास रंग लाई है। बिहार पुलिस में दरोगा के रूप में चुने जाने वाले तीन ट्रांसजेंडरों में वह एकलौती महिला ट्रांसजेंडर हैं। उनके इस प्रयास पर पूरे देश को नाज है।

सघर्षों से भरा था सफर

आसान नहीं था मानवी का सफर। वह पढ़ना चाहती थी। अपने सपनों को सच करना चाहती थी। लेकिन, यहां तक का सफर तय करना सघर्षों से भरा था। लेकिन, मानवी के अथक प्रयासों ने उन्हें यहां तक आने में मदद की। साथ ही उनके परिवार वालों के साथ का भी बड़ा योगदान रहा। लोगों ने मानवी के हौसले को तोड़ना भी चाहा। लेकिन, मानवी कहां रुकने वाली थी।

पहली महिला ट्रांसजेंडर एसआई

इस बार बिहार पुलिस ने तीन ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को उप-निरीक्षक के रूप में नियक्ति किया है। जिसमें दो पुरुष और एक महिला ट्रांसजेंडर शामिल हैं। मंगलवार को ही बिहार पुलिस सब-इंसपेक्टर रिजल्ट की घोषणा की गई थी। जब परिणाम की घोषणा की गई वो पल मधू के लिए सबसे खास था। तीन चुने गए सब-इंस्पेक्टर की लिस्ट में एक नाम मधू का भी था।

परिवार का मिला साथ

बिहार पुलिस सब इंसपेक्टर के रिजल्ट घोषित होते ही मानवी ने अपना रिएक्शन शेयर किया। जिसमें उन्होंने कहा- 'मैनें बहुत मेहनत की है और अब जाकर मुझे इसका फल मिला है। दूसरे इंस्टीट्यूट ने मुझे एडमिशन देने से मना कर दिया था। उन लोगों का कहना था कि मैं समाज पर नेगेटिव असर डालूंगी। मैं पढ़ना चाहती थी, लेकिन मुझे मौका नहीं मिल रहा था। लेकिन, जब मैंने इस इंस्टीट्यूट को जॉइन किया तो मेरे जीवन को नई दिशा मिली। मेरे परिवार ने मेरा सपोर्ट किया इसलिए आज मैं यहां हूं। '

बिहार पुलिस परिक्षा का रिजल्ट

इस साल परीक्षा देने वाले 6,788 उम्मीदवारों में से 1,275 ने एसआई (SI) पदों के लिए क्वालीफाई किया, जिनमें 822 पुरुष, 450 महिलाएं और तीन ट्रांस लोग शामिल थे। सफल उम्मीदवारों में से 275 अनुसूचित जाति से, 238 ईबीसी (EBC) से, 100 ओबीसी (OBC) से (87 महिलाओं सहित), 11 ईडब्ल्यूएस (EWC) से और 16 अनुसूचित जनजाति से थे।

Maahi Yashodhar
Maahi Yashodharauthor

माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

और पढ़ें
End of Article