Patna News: बिहार विधानसभा शीतकालीन सत्र का आज आखिरी दिन है। गुरुवार को हुए हंगामे और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जीतन राम मांझी को लेकर दिए बयान की वजह से आज भी हंगामा होने के आसार हैं। इस बीच विधानसभा सत्र के शुरूआत से पहले ही विधानसभा अध्यक्ष के चेंबर के बाहर पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। उनके साथ नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा भी मौजूद हैं, जिन्होंने सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
इस बीच खबर आ रही है कि एनडीए और महागठबंधन के नेताओं के बीच हाथापाई हुई है। विधानसभा परिसर में जमकर हंगामा हो रहा है। इसके अलावा जीतनराम मांझी के समर्थन में भी बीजेपी के कई नेता उतर गए हैं।
अब तक सदन में क्या हुआ
सोमवार से शुरू हुए बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र काफी हंगामेदार रहा है। नीतीश सरकार की ओर से जाति आधारित गणना की रिपोर्ट सदन में पेश की गई। इसके आंकड़ों को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया। सदन में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रजनन दर को लेकर बयान दिया। सीएम के इस बयान पर विपक्ष ने उन्हें बुरी तरह सेे घेरा। मामला राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंच गया। यहां तक कि देश-विदेश में भी सीएम नीतीश कुमार के बयान की निंदा हुई। इसके बाद सरकार ने आरक्षण का दायरा बढ़कर 75 फीसदी करने वाला संशोधन विधेयक हंगामे के बीच सदन से पारित कराया।
पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी पर सीएम नीतीश के बयान से चढ़ा सियासी पारा
आरक्षण बिल पर ही बहस के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जीतन राम मांझी पर जमकर हमला बोला था। नीतीश ने यहां तक कह दिया कि मांझी को मुख्यमंत्री बनाना उनकी मूर्खता थी। अब विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाकर नीतीश कुमार को घेरना शुरू कर दिया है। दलित नेता होने की वजह से मांझी को इसमें बीजेपी का भी साथ मिल रहा है। करीब-करीब सभी भाजपा नेताओं ने मांझी को लेकर दिए गए नीतीश कुमार के बयान की निंदा की है।
