पटना

मुजफ्फरपुर में 28 लाख का चाइनीज लहसुन जब्त, ट्रक ड्राइवर समेत दो तस्कर गिरफ्तार

Chinese garlic in Muzaffarpur: नेपाल से तस्कर 11 टन चाइनीज लहसुन से भरा ट्रक लेकर भारत में घुसे थे। जिसे लेकर मुजफ्फरपुर और गोरखपुर होते हुए दिल्ली जा रहे थे। लेकिन रास्ते में मुजफ्फरपुर डीआरआई की टीम ने ट्रक को पकड़ लिया और दोनों तस्करों को भी गिरफ्तार कर लिया।

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चाइनीज लहसुन

Chinese garlic in Muzaffarpur: मुजफ्फरफुर में शुक्रवार को चाइनीज लहसुन की 28 लाख की खेप बरामद हुई है। जिसे डीआरआई की टीम ने जब्त कर लिया है। साथ ही ड्राइवर समेत दो तस्करों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। ये लोग चाइनीज लहसुन की खेप को दिल्ली ले जा रहे थे। लेकिन रास्ते में डीआरआई की टीम ने सर्च ऑपरेशन के दौरान ट्रक से लहसुन की खेप बरामद की। बता दें कि चाइनीज लहसुन भारत में बैन है।

नेपाल से दिल्ली जा रहा था ट्रक

DRI सूत्रों के अनुसार नेपाल से एक ट्रक लोहा बॉर्डर के रास्ते भारत में घुसा था। इस ट्रक में 11 टन चाइनीज लहसुन था। तस्कर इस लहसुन की खेप को मुजफ्फरपुर के रास्ते गोरखपुर से होकर दिल्ली ला रहे थे। मुजफ्फरपुर डीआरआई की टीम को इस ट्रक के दिल्ली भेजे जाने की जानकारी मिली। जिसके बाद गोरखपुर-दिल्ली हाईवे पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। इस दौरान एक ट्रक को रोककर तलाशी ली गई। जिसमें से चाइनीज लहसुन की बड़ी खेप बरामद हुई। जिसके बाद टीम ने ट्रक डाइवर और एक तस्कर को अरेस्ट कर लिया।

कई लोकल तस्करों की बताई पहचान

जब्त किए गए चाइनीज लहसुन की कीमत करीब 28 लाख रुपये है। गिरफ्तार तस्करों से टीम ने पूछताछ की है। इस दौरान उन्होंने बताया कि इस काम के लिए उन्हें मोटी रकम दी जाती है। साथ ही उन्होंने कई लोकल तस्करों की पहचान बताई है। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

क्या है चाइनीज लहसुन

चीन में इस लहसुन की बड़े पैमाने पर पैदावार होती है। जहां से दुनिया के दूसरे देशों में इस लहसुन को भेजा जाता है। इस लहसुन की पैदावार चीन में होने की वजह से इसे चाइनीज लहसुन कहते हैं। इस लहसुन का इस्तेमाल एशियाई देशों में नूडल्स और सूप जैसे खाने में होता है। इस लहसुन का सबसे ज्यादा इस्तेमाल चीन में होता है। भारत सरकार ने साल 2014 में चीन से आने वाले इस लहसुन पर भारत में आयात पर बैन लगा दिया था।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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