Bihar: बिहार के वैशाली जिले से अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि कॉलेज से घर जाने के लिए निकली छात्रा का अपहरण होने के बाद भी दो महीने तक पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। लापता बच्ची की तलाश के लिए परिजन महीनों तक पुलिस स्टेशन के चक्कर ही काटते रह गए। माता-पिता की शिकायत तो दूर कोर्ट के आदेश के बाद भी पुलिस के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। कोर्ट के आदेश के बावजूद पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज नहीं किया। अब बच्ची का शव मक्के के खेत से बरामद किया गया है।
पुलिस ने नहीं की अपहरण की एफआईआर दर्ज
महीनों पहले लापता हुई संजना नाम की युवती का शव बिहार के गोरौल थाना क्षेत्र के मक्के के एक खेत से बरामद किया गया है। बताया जा रहा है कि करीब दो महीने पहले घर से कॉलेज गई संजना शाम में घर ही नहीं लौटी। बेटी की राह देख रहे मात-पिता ने देर होने पर पुलिस से संपर्क किया। लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। बता दें कि युवती 27 मई को युवती का अपहरण हुआ था।
पुलिस की लापरवाही से गई बच्ची की जान
जानकारी के अनुसार, संजना घर से कॉलेज गई और कॉलेज से घर के लिए निकलते हुए उसका अपहरण हो गया। बच्ची के घर न पहुंचने पर माता-पिता गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाने के लिए भगवानपुर थाना पहुंचे माता-पिता को थानेदार ने वहां से भगा दिया। उसके बाद संजना के पिता बिलखते हुए थाना गोरौल पहुंचे, लेकिन वहां भी उनकी एक नहीं सुनी गई। इससे परेशान होकर उन्होंने कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं हुई।
लापता बेटी की तलाश के लिए महीने तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद भी किसी ने उनकी मदद नहीं की। अब दो महीने से लापता संजना का शव मक्के के खेत से बरामद किया गया है। माता-पिता ने रेप के बाद हत्या का आरोप लगाया है। माता-पिता का ये भी आरोप है कि यदि पुलिस स्टेशन में अपहरण का मामला दर्ज किया गया होता तो शायद आज उनकी बेटी जिंदा होगी। परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि बदमाशों को बचाने के लिए उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई थी।
मक्के के खेत में मिला छात्रा का शव
बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर के गड्ढे में फंसने के दौरान शव पर लोगों की नजर पड़ी। तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई। खेत में शव की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने युवती के शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस को युवती के शव के साथ उसका बैग भी मिला, जिसमें आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज मिले, जिससे उसकी पहचान हुई। जिसके बाद पुलिस पूछताछ के लिए संजना के घर पहुंची। संजना के माता-पिता ने अधिकारियों को 27 मई से बेटी के लापता होने के साथ मामला न दर्ज किए जाने की जानकारी भी दी। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी हुई है।
