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Bihar: पटना और मुजफ्फरपुर के बाद इस जिले में खुलेगा राज्य का तीसरा खादी मॉल, बुनकरों और कारीगरों को मिलेगा नया मंच

Bihar: बिहार के पटना और मुजफ्फरपुर जिले के बाद अब पूर्णिया में राज्य का तीसरा खादी मॉल खोलने की तैयारी की जा रही है। इस मॉल से प्रदेश के खादी बुनकरों, कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों को एक मंच मिलेगा और उनकी कला को को प्रोत्साहित किया जा सकेगा।

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बिहार का तीसरा सबसे बड़ा खादी मॉल पूर्णिया में खुलेगा (फोटो -Canva)

Bihar: बिहार सरकार की ओर से खादी और ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जानकारी के अनुसार, बिहार के पूर्णिया जिले की भट्टी चौक में राज्य का तीसरा खादी मॉल बनाया जा रहा है। इसकी कुल लागत 6.64 करोड़ रुपये की बताई जा रही है। यह मॉल खादी बुनकरों, कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए एक मजबूत मंच साबित होगा।

तीन मंजिला होगा खादी मॉल

बताया जा रहा है कि यह मॉल तीन मंजिला संरचना का होगा। इसका क्षेत्रफल 14 हजार 633 वर्ग फुट का होगा। अब तक करीब 60 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और इसे जल्द ही जनता के लिए खोलने की योजना बनाई जा रही है। इसे पूरा करने के लिए निर्माण कार्य तेजी से जारी है और जल्द पूरा हो इसलिए तैयारी की जा रही है। इसकी जानकारी विभाग ने अपने सोशल मीडिया हैंडलर एक्स पर भी सार्वजनिक की हुई है।

खादी कपड़ों के साथ मिलेगा ये सामान

इस मॉल में खादी वस्त्रों के साथ-साथ हस्त निर्मित उत्पाद, ग्रामोद्योग आधारित वस्तुएं, प्राकृतिक सौंदर्य प्रसाधन, जड़ी-बूटियों से बने उत्पाद और स्थानीय शिल्पकारों की कलाकृतियां भी बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगी। इससे न सिर्फ स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलेगा, बल्कि शहरी क्षेत्रों में ग्रामीण उत्पादों की पहुंच भी बढ़ेगी।

पूर्णिया से पहले इन जिलों में बनेगा मॉल

पूर्णिया से पहले पटना और मुजफ्फरपुर में दो खादी मॉल संचालित किए जा रहे हैं। पूर्णिया का खादी मॉल पूर्वी बिहार के लिए एक मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे आसपास के जिलों के कारीगरों को भी लाभ मिलेगा। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि खादी मॉल के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जाएं और खादी उत्पादों की ब्रांडिंग को सशक्त बनाया जाए।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहा author

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्... और देखें

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