पटना

Bhagalpur News: Online Game से मिला ऐसा टास्क, घर से भागकर 100 किमी दूर पश्चिम बंगाल पहुंचे चौथी कक्षा के 2 बच्चे

चौथी कक्षा के दो बच्चे ऑनलाइन गेम के टास्क के चलते भागलपुर में अपने घर से भाग गए। वे गलती से पश्चिम बंगाल के फरक्का पहुंच गए, जहां पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया। बच्चों ने बताया कि गेम में उन्हें घर छोड़ने का निर्देश मिला था। यह घटना बच्चों में ऑनलाइन गेम की खतरनाक लत को उजागर करती है।

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ऑनलाइन गेम के टास्क के लिए घर से भागे बच्चे (फोटो - pixabay.com)

बात साल 2017 की है। ऑनलाइन गेम्स का सुरूर बच्चों के सिर चढ़कर बोलने लगा था। इसी दौरान ब्लू व्हेल चैलेंज नाम का एक ऑनलाइन खूनी गेम रातोंरात चर्चा का विषय बन गया। इस गेम के चक्कर में कई बच्चों ने आत्महत्या कर ली। कई ने अपने ही हाथ की नसें काट ली तो कुछ दूसरों की हत्या करने लगे। यह गेम था ही कुछ ऐसा। इसमें गेम खेलने वाले बच्चों को हर एक स्टेज पर अलग-अलग टास्क दिए जाते थे। जिनमें फांसी लगाने, हाथ की नस काटने, किसी को चाकू मारने जैसे टास्क दिए जाते थे। अचानक देशभर से ब्लू व्हेल चैलेंज गेम की वजह से ऐसी घटनाओं की बाढ़ सी आ गई। आखिरकार सरकार ने इस पागलपन पर रोक लगाई और ब्लू व्हेल चैलेंज गेम को पूरी तरह से बंद कर दिया। लेकिन ऐसा ही एक मामला बिहार के भागलपुर से सामने आया है, जिसमें छोटे-छोटे बच्चों को ऑनलाइन गेम ने घर से भागने का टास्क दिया।

भागलपुर के चौथी कक्षा के दो छात्र, चंचल राज और आशीष, ऑनलाइन गेम की लत में इस कदर डूबे कि 28 जून 2025 को वे अचानक घर से गायब हो गए। परिवार वालों की शिकायत पर पुलिस तुरंत हरकत में आई। जांच के कुछ ही घंटों बाद पता चला कि दोनों बच्चे घर से करीब 100 किमी दूर पश्चिम बंगाल के फरक्का पहुंच चुके हैं।

पूछताछ में बच्चों ने बताया कि ऑनलाइन गेम में उन्हें एक टास्क दिया गया था, जिसमें उन्हें घर छोड़कर भागना था। वे ऑनलाइन गेम के इस टास्क को पूरा करने के लिए भागलपुर से निकल पड़े। SDPO डॉ. अर्जुन कुमार गुप्ता ने बताया कि गेम में उन्हें भागलपुर के ही एक स्थान पर पहुंचने का निर्देश मिला था, लेकिन वह गलती से मालदा-फरक्का ट्रेन में चढ़ गए।

पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज करके उनकी तलाश के लिए सोशल मीडिया, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर फोटो शेयर कर दी। देर रात करीब 1:30 बजे RPF ने फरक्का स्टेशन पर बच्चों की मौजूदगी की सूचना दी। बच्चों ने बताया कि वह पीरपैंती से ऑटो लेकर स्टेशन पहुंचे और रास्ते में एक नई ड्रेस भी खरीदी।

इस घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। ऑनलाइन गेम की लत बच्चों के लिए कितनी खतरनाक हो सकती है, यह घटना उस बात का जीता-जागता उदाहरण है। वो तो अच्छा हुआ कि बच्चे सही समय पर सही-सलामत मिल गए, अन्यथा उनके साथ कोई दुर्घटना भी हो सकती थी। वह मानव तस्करी करने वाले गिरोह के हाथ आ सकते थे, जिससे उनकी जिंदगी नरक जैसी हो सकती थी या वह जान भी गंवा सकते थे।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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