पटना

Madhepura: खून के निशान देखकर बुलाई पुलिस, मुखिया के बेटे की मिली सिरकटी लाश

बिहार के मधेपुरा जिले के रतवारा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति की सिरकटी लाश मिली है। लोगोंं ने खून के धब्बे देखकर पुलिस को सूचना दी जिसके बाद लगभग 25 फीट की दूरी पर एक झाड़ी में गर्दन कटा शव मिला। एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से कुछ सबूत मिले हैं, जिससे पुलिस को इस केस को सुलझाने में मदद मिल सकती है।

Image

सिरकटी लाश मिलने से इलाके में हड़कंप (सांकेतिक तस्वीर)

Photo : Times Now Digital

Madhepura News: बिहार में मधेपुरा जिले के रतवारा थाना अंतर्गत गंगापुर पंचायत में रविवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना हुई, जहां पूर्व मुखिया के बेटे नभिनैदिष्ट शर्मा उर्फ बिलठी शर्मा (29) की गला काटकर हत्या कर दी गई।

सीसीटीवी फुटेज से सुराग

रतवारा थाना पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। बताया गया कि रविवार शाम साढ़े छह बजे के आसपास मृतक को ई-रिक्शा से सामान उतारते और फिर कचहरी टोला होते हुए सोनामुखी जाते देखा गया। यह पूरी घटना एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है, जिसमें ई-रिक्शा पर एक अन्य व्यक्ति भी नजर आया है।

शव की बरामदगी

रात आठ बजे के आसपास सड़क पर खून देखे जाने की सूचना फैली, जिसके बाद पुलिस पहुंची। खून के निशान को फॉलो करने के बाद करीब साढ़े नौ बजे झाड़ियों में एक गर्दन कटा शव बरामद किया गया। शव मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और लोग दहशत में आ गए। एसडीपीओ अविनाश कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।

पुलिस का बयान

मृतक बिलठी शर्मा अपने परिवार का भरण-पोषण ई-रिक्शा चलाकर करता था। उसकी चार बेटियां हैं, जिनमें से एक मात्र छह महीने की है। इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है। थानाध्यक्ष त्रिलोकी नाथ शर्मा के अनुसार, हत्या के सभी पहलुओं पर गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

और पढ़ें
End of Article