पटना

बिहार में अजब मामला! 'डॉग बाबू' के बाद अब Cat Kumar ने आवासीय प्रमाण पत्र के लिए किया आवेदन

बिहार के रोहतास जिले में बिल्ली के नाम से आवेदन आया है। जिसमें आवेदक का नाम Cat Kumar है, डीएम के निर्देश के बाद नासरीगंज पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

Image

अब Cat Kumar ने आवासीय प्रमाण पत्र के लिए किया आवेदन

बिहार के रोहतास में अजब ही मामला सामने आया है, वहां पर एक शख्स ने व्यक्ति ने 'बिल्ली कुमार' (Cat Kumar) नाम से आवेदन भेजा है, जिसमें पिता के रूप में 'कैटी बॉस' (Catty Boss) और माता के रूप में 'कटिया देवी' (Catiya Devi) का उल्लेख है। 'डॉग बाबू', 'सोनालिका ट्रैक्टर' के बाद, बिहार में फर्जी आवेदन का एक और मामला सामने आया है, जब रोहतास जिला प्रशासन को एक बिल्ली के नाम पर आवासीय प्रमाण पत्र का अनुरोध प्राप्त हुआ।

व्यक्ति ने 'कैट कुमार' नाम से एक आवेदन भेजा है, जिसमें पिता के रूप में 'कैटी बॉस' और माता के रूप में 'कटिया देवी' का उल्लेख है। आवेदन के साथ एक बिल्ली की तस्वीर, फोन नंबर और ईमेल पता भी संलग्न किया गया है।

प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई

रोहतास डीएम के निर्देश के बाद नासरीगंज के राजस्व अधिकारी (RO)ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ नासरीगंज पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 132/61 (बी) / 318 (4) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है और जांच शुरू कर दी गई है। राज्य के निवासियों को बिहार लोक सेवा का अधिकार (RTPS) अधिनियम के तहत ऑनलाइन आवेदन दाखिल करने की अनुमति है। और प्रत्येक प्रस्तुत आवेदन का मूल्यांकन किया जाता है और उचित सत्यापन के बाद संबंधित अधिकारी द्वारा जारी किया जाता है।

एफआईआर के अनुसार, आरटीपीएस काउंटर को 27 जुलाई को एक ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें उस व्यक्ति का मोबाइल और ईमेल आईडी था, जिसने इस नाम से आवेदन किया था।

'आवेदक का नाम, साथ ही पिता और माता का नाम, स्पष्ट रूप से गलत है'

एफआईआर में कहा गया है, 'इस कृत्य ने सरकारी काम में बाधा डाली और यह सरकार व सार्वजनिक सेवाओं की छवि धूमिल करने की एक साजिश प्रतीत होती है। आवेदक का नाम, साथ ही पिता और माता का नाम, स्पष्ट रूप से गलत है और इसका उद्देश्य मज़ाक उड़ाना है। व्यक्ति ने ऑनलाइन प्लेटफार्म का दुरुपयोग करके, फर्जी जानकारी और एक बिल्ली की तस्वीर जमा करके सरकारी व्यवस्था का मजाक उड़ाने की कोशिश की है।'

अजीबोगरीब आवेदन पर सोशल मीडिया पर खूब ट्रोलिंग हुई

इस अजीबोगरीब आवेदन पर सोशल मीडिया पर खूब ट्रोलिंग हुई, लेकिन कुछ यूज़र्स ने अधिकारियों का समय बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए इसकी आलोचना भी की है। यह घटनाक्रम उसी हफ़्ते दो और फर्जी आवेदनों के दाखिल होने के कुछ ही हफ्तों बाद सामने आया है, एक पटना में 'डॉग बाबू' और दूसरा पूर्वी चंपारण में 'सोनालिका ट्रैक्टर' के नाम से।

सरकार ने इन घटनाक्रमों को गंभीरता से लिया है

फर्जी आवेदनों के बाद मामले की जांच शुरू हुई और इस प्रक्रिया की निगरानी कर रहे अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की गई। सरकार ने इन घटनाक्रमों को गंभीरता से लिया है, तथा प्रत्येक आवेदन को अधिक सावधानी से जांचने के लिए RTPS को कड़ा करने की योजना बना रही है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article