Bihar Muzaffarpur Police: बिहार पुलिस अपने कारनामों को लेकर अक्सर सुर्खियों में बनी रहती है। ऐसा ही एक ताजा मामला मुजफ्फरपुर से सामने आया है, जहां पुलिस के जवान संवेदनहीनता की सारी हदों को पार कर गए और सड़क हादसे में मृत शख्स के शव को अस्पताल पहुंचाने के बजाए उसे पुल से नीचे नहर में फेंक दिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मुजफ्फरपुर पुलिस ने जो दलील दी है उसके ऊपर भी सवाल उठ रहे हैं।
शव को नहर में फेंका
दरअसल, मुजफ्फरपुर में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में पुलिस के तीन जवान सड़क हादसे में मौत के शिकार हुए शख्स के शव को अस्पताल पहुंचाने के बजाए उसे घसीट कर पुल से नीचे नहर में फेंकते नजर आ रहे हैं। इस दौरान वहां मौजूद किसी शख्स ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया, जो खूब वायरल हो रहा है।
बिहार की पुलिस-प्रशासन बेलगाम-'आनंद'
हालांकि, इन सब मामले को लेकर बिहार के बीजेपी नेता निखिल कुमार आनंद ने ट्विट कर कहा कि 'मुजफ्फरपुर पुलिस ने सफाई दी कि दुर्घटना उपरांत शव के बुरी तरह चिपके हुए हिस्से, कपड़े इत्यादि को नहर में प्रवाहित किया गया। लेकिन वीडियो आदमी के पूरे शव को पुल से नहर में फेंकने का है। बिहार की पुलिस-प्रशासन बेलगाम और संवेदनशील हो गई है। बिहार पुलिस की ट्रेनिंग दोषपूर्ण है।'
पुलिसकर्मियों पर हो गई कार्रवाई
वहीं, पुलिस थाना इंचार्ज मोहन कुमार ने कहा कि शव बुरी तरीके से कुचला हुआ था। वो उठाने योग्य नही था। सड़क से चिपके हुए भाग को फेंका गया है। शिनाख्त किया जा रहा है। हलांकि एसएसपी ने कार्रवाई करते हुए शव फेंकने वाले तीनों पुलिसकर्मियों को प्रथम दृष्टया में दोषी पाते हुए चालक और दो पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया है। दो होमगार्ड के जवान को लाईन हाज़िर किया गया है।
