पटना

बिहार में जातिगत गणना के दौरान अजब-गजब मामला आया सामने, शख्स की निकलीं 40 पत्नियां

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Apr 27, 2023, 12:17 PM IST

बिहार के अरवल जिले के एक रेड-लाइट एरिया में लगभग 40 महिलाओं ने रूपचंद नाम के एक व्यक्ति को अपना पति बताया है।

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40 महिलाओं ने रूपचंद को बताया अपना पति

Photo : iStock

Bihar Man Has 40 Wives: बिहार में जातिगत जनगणना के दौरान ऐसा अजब-गजब मामला आया जिसने सभी को हैरत में डाल दिया है। बिहार में जाति-आधारित जनगणना का दूसरा चरण चल रहा है। इसी कवायद के दौरान यहां 40 महिलाओं ने एक ही शख्स को अपना पति बताया। सुनकर अधिकारी भी हैरान रह गए।

रूपचंद को बताया अपना पति

खबरों के मुताबिक, बिहार के अरवल जिले के एक रेड-लाइट एरिया में लगभग 40 महिलाओं ने रूपचंद नाम के एक व्यक्ति को अपना पति बताया है। इन महिलाओं ने रूपचंद को अपने बच्चों का पिता भी बताया है। चूंकि इन महिलाओं का कोई पक्का पता नहीं है और ये केवल वार्ड नंबर 7 के रेड लाइट एरिया में रहती हैं। इन्होंने रूपचंद को अपना पति बताया है।

अरवल जिले का वार्ड नंबर 7

जानकारी के मुताबिक, वार्ड नंबर 7 रेड लाइट एरिया में नाच-गाना कर जीवन यापन करने वाले लोग रहते हैं, जिनका कोई ठिकाना नहीं होता है। इसलिए इन महिलाओं ने अपने पति का नाम रूपचंद रख लिया। यह घटना आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

बिहार के अरवल जिले में जातीय जनगणना के दौरान ये अजीबोगरीब मामला सामने आया। जब सर्वे अधिकारी शहरी क्षेत्र के रेड लाइट एरिया के वार्ड नंबर 7 में पहुंचे तो और महिलाओं से उनके पति का नाम पूछा तो करीब 40 महिलाओं ने अपने पति का नाम रूपचंद बताया है। तमाम बच्चों ने भी अपने पिता का नाम रूपचंद बताया।

जातिगत जनगणना का दूसरा दौर

बिहार में 15 अप्रैल से 15 मई तक जातिगत गणना का एक महीने का दूसरा चरण चल रहा है। 7 जनवरी से शुरू हुई गणना की कवायद मई तक पूरी हो जाएगी। जाति सर्वेक्षण कराने का फैसला बिहार मंत्रिमंडल द्वारा 2 जून, 2022 को लिया गया था। जातिगत जनगणना के समर्थन में प्रस्ताव बिहार में द्विसदनीय विधायिका द्वारा 2019 और 2020 में दो बार सर्वसम्मति से पारित किया गया था। राज्य ने इस संबंध में प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है कि जाति आधारित गणना से समाज के सभी वर्गों को लाभ होगा। राज्य सरकार इसके लिए अपने आकस्मिक कोष से 500 करोड़ रुपये खर्च करेगी। सर्वेक्षण के लिए सामान्य प्रशासन विभाग नोडल प्राधिकारी है। कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने 2011 में सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना (एसईसीसी) करवाई थी। जाति के आंकड़ों को छोड़कर जनगणना की रिपोर्ट प्रकाशित की गई है।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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