पटना

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कई IAS अधिकारी ट्रांसफर, जानें किसे मिली क्या जिम्मेदारी?

992 बैच की आईएएस अधिकारी हरजोत कौर बमराह को राज्य सरकार के राजस्व बोर्ड में अध्यक्ष-सह-सदस्य नियुक्त किया गया है। अधिसूचना के अनुसार, 1995 बैच के आईएएस अधिकारी अरविंद कुमार चौधरी, जो वर्तमान में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं, अब कैबिनेट सचिवालय का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे।

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(सांकेतिक फोटो)

Photo : Times Now Digital

पटना : बिहार सरकार ने शनिवार को प्रशासनिक फेरबदल करते हुए विभिन्न विभागों में पदस्थ कई वरिष्ठ आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अधिकारियों का तबादला किया और उन्हें अतिरिक्त प्रभार सौंपा। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, वर्तमान में कैबिनेट सचिवालय और शिक्षा विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) के पद पर कार्यरत 1991 बैच के आईएएस अधिकारी एस सिद्धार्थ को अब राज्य का विकास आयुक्त नियुक्त किया गया है।

किसे मिली कहां पोस्टिंग

वहीं, 1992 बैच की आईएएस अधिकारी हरजोत कौर बमराह को राज्य सरकार के राजस्व बोर्ड में अध्यक्ष-सह-सदस्य नियुक्त किया गया है। अधिसूचना के अनुसार, 1995 बैच के आईएएस अधिकारी अरविंद कुमार चौधरी, जो वर्तमान में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं, अब कैबिनेट सचिवालय का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे।

इसी प्रकार, बी राजेंद्र (1995 बैच के आईएएस अधिकारी), जो वर्तमान में सामान्य प्रशासन विभाग के एसीएस पद पर कार्यरत हैं, उसी पद पर रहते हुए शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। अधिसूचना के अनुसार, आनंद किशोर (1996 बैच के आईएएस अधिकारी), जो वर्तमान में वित्त विभाग के प्रधान सचिव पद पर कार्यरत हैं, अब पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग (डीईएफसीसी) का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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