पटना

बिहार गवर्नमेंट का बड़ा फैसला, गया जिले का बदला नाम; राज्य कर्मियों का बढ़ा DA; जानें पिटारे से क्या-क्या निकला?

बिहार सरकार ने कैबिनेट बैठक में गया जिले का नाम गया जी करने पर मुहर लगा दी है। साथ ही राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 2 % की बढ़ोतरी करते हुए ऑपरेशन सिंदूर में शहीद जवान के परिवार को 50 लाख रुपये देने का ऐलान किया है।

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बिहार कैबिनेट बैठक

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजिक कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले लिए गए। सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए गया जिले का नाम बदलकर 'गया जी' (Gaya JI) कर दिया है। बैठक में कुल 69 प्रस्तावों में मुहर लगी है, जिसमें राज्य कर्मचारियों का डीए (महंगाई भत्ता) बढ़ाया गया है। महंगाई भत्ते में 2 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। इस लिहाज से अब डीए 53 प्रतिशत से बढ़कर 55 प्रतिशत हो गया है। साथ ही ऑपरेशन सिंदूर में शहीद जवान के परिजन को 50 लाख रुपये देने ऐलान किया गया है। बैठक में युवाओं के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों और पेंशन भोगियों के लिए बड़ा निर्णय लिया गया है। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम रहे सुशील कुमार मोदी के जन्मदिन 5 जनवरी को अब हर साल राजकीय समारोह के तौर पर मनाया जाएगा।

बिहार सरकार ने 69 प्रस्तावों पर लगाई मुहर

बिहार सरकार की कैबिनेट मीटिंग में कुल 69 प्रस्तावों पर चर्चा होने के बाद अंतिम मुहर लगा दी गई, जिनमें सबसे प्रमुख गया जिले का नाम 'गया जी' करना रहा। सरकार ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में देश की रक्षा करते हुए प्राण न्यौछावर करने वाले शहीद जवान के परिवार को आर्थिक मदद के तौर पर 50 लाख रुपये दिए जाएंगे।

राज्य कर्मचारियों का बढ़ा महंगाई भत्ता

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर नीतीश सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। सांतवें केंद्रीय वेतनमान के तहत वेतन पेंशन पाने वाले सरकारी कर्मियों के लिए बिहार सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने DA 53% से बढ़ा कर 55% करने का फैसला लिया गया। कुल 2% प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाया गया है। वहीं, छठे वेतनमान के तहत वेतन और पेंशन पाने वाले सरकारी कर्मियों को 6% महंगाई भत्ता बढ़ाया गया है। साथ ही पांचवें वेतनमान के तहत वेतन और पेंशन पाने वाले को 11% का महंगाई भत्ता बढ़ाया गया है। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी से राज्य सरकार पर 1070 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा।

सरकार ने मीटिंग में कहा कि प्रखंड अंचल कार्यालय की सफाई अब जीविका दीदी करेंगी। साथ ही छपरा जिले के सोनपुर को नगर परिषद बनाने के प्रस्ताव को मुहर लगाई तो औरंगाबाद के मदनपुर को भी नगर पंचायत घोषित किया गया। इसके अलावा जल जीवन हरियाली कार्यक्रम को 25 से 26 26 से 29 30 तक बढ़ा दिया गया है। वहीं, दरभंगा जिले के जलापूर्ति के लिए 186 करोड रुपए की मंजूरी दी गई है तो औरंगाबाद जिले के जलापूर्ति के लिए 72 करोड रुपए की मंजूरी मिली है। बोधगया शहर के लिए जल पूर्ति परियोजना को मंजूरी दी। सरकार ने बताया कि जन्म मृत्यु से संबंधित आवेदन का निष्पादन ग्राम पंचायत स्तर पर होगा।

अल्पसंख्यक विद्यालय बनाने का निर्णय

सोनपुर में सोनपुर आयोजन क्षेत्र की विस्तार को मंजूरी प्रदान की गई। सरकार पंचायती राज विभाग के अंतर्गत 900 ग्राम पंचायत में पंचायत सरकार बनाने का फैसला लिया है। बिहार के कई जिले में केंद्रीय विद्यालय संगठन के विद्यालय बनाये जाएंगे। बिहार राज्य अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय में अब शिक्षा विभाग के अंतर्गत के नियुक्त शिक्षक को प्रति नियुक्त किया जाएगा तो भागलपुर में अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय का निर्माण किया जाएगा। वहीं, अररिया में अल्पसंख्यक विद्यालय तो गोपालगंज में अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय विकसित किया जाएगा।

सरकार ने बताया कि राज्य सरकार 58,193 करोड रुपये का ऋण लेगी। साथ ही युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने सहकारिता विभाग के अंतर्गत 498 पदों की स्वीकृति दी है। बिहार सरकार की नौकरियों में अब बिहार के मूल निवासी बेंचमार्क दिव्यांग को ही क्षैतिज आरक्षण मिलेगा। इसके अलावा मुख्य जांच आयुक्त के कार्यालय में 125 पदों की स्वीकृति दी गई।

मेडिकल क्षेत्र के लिए बड़ा ऐलान

बिहार में कैंसर की बीमारी के लिए कैंसर केयर अप रिसर्च सोसाइटी का गठन किया जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकार ने पांच डॉक्टरों को सेवा से अनुपस्थित रहने के कारण बर्खास्त कर दिया है।

सरकार ने राज्य में प्रस्तावित मेट्रो परियोजनाओं के लिए 2 करोड़ 56 लाख 9 हजार करोड रुपए के भुगतान की अनुमति दी है। बिहार के अंतर्गत उद्द्यान्न प्रशिक्षण निदेशालय के गैर तकनीकी पदों के नियमावली में परिवर्तन कर दिया गया। भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय इमामगंज समस्तीपुर भोजपुर के भावनाओं का पुनर्निर्माण होगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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