पटना

फिरौती मांगने का नया स्टाइल: जॉब इंटरव्यू के लिए बुलाते थे और अगवा कर लेते थे; पुलिस ने गिरोह का किया भंडाफोड़

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 27, 2023, 03:41 PM IST

Patna News in Hindi: एसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि गिरोह ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था, जिसके माध्यम से वे नौकरी के लिए इच्छुक युवाओं को खास जगह पर बुलाते थे। बीते 22 मई को अमित कुमार को भी जॉब इंटरव्यू के लिए पटना की एक जगह पर बुलाया गया था। इसके बाद उनका अपहरण कर लिया गया।

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पुलिस ने फिरौती मांगने वाले गैंग का किया भंडाफोड़

Photo : iStock

Bihar Crime: बिहार के बेगूसराय में पुलिस ने जॉब इंटरव्यू के नाम पर किडनैपिंग और फिरौती मांगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस के मुताबिक, यह गैंग युवाओं को जॉब इंटरव्यू के लिए किसी खास जगह पर बुलाता था और इसके बाद उनका अपहरण कर फिरौती की मांग करता था। पुलिस ने इस सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि दो आरोपी कैमूर जिले के रहने वाले हैं तो तीसरा गया जिले से है।

पुलिस ने बताया, बीते बुधवार को एक अपहृत युवक को छुड़ाने के लिए पुलिस की एक टीम ने औरंगाबाद के जीटी रोड स्थिति पहाड़चापी मोड पर छापा मारा, जिसके बाद पूरा खेल सामने आया। छापेमारी के दौरान दिही गांव निवासी अमित कुमार पुलिस ने छुड़ाने में सफलता हासिल की।

व्हाट्सएप ग्रुप पर बुलाते थे इंटरव्यू के लिए

बेगूसराय के एसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि गिरोह ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था, जिसके माध्यम से वे नौकरी के लिए इच्छुक युवाओं को खास जगह पर बुलाते थे। बीते 22 मई को अमित कुमार को भी जॉब इंटरव्यू के लिए पटना की एक जगह पर बुलाया गया था। जब अमित वहां पहुंचे तो उनका अपहरण कर लिया गया, जिसके बाद गिरोह के सदस्य उनके परिवारीजनों से फिरौती की मांग करने लगे।

अमित के परिवारीजनों से मांगी गई छह लाख की फिरौती

पुलिस अधिकारी ने बताया, जॉब इंटरव्यू के लिए जब अमित निर्धारित स्थान पर पहुंचे तो गिरोह के सदस्यों ने उन्हें जबरन कार में बिठाया और उनका मुंह बंद कर दिया। इस दौरान उन्हें बुरी तरह पीटा गया। इसके बाद उन लोगों ने अमित के परिवारीजनों के पास एक वीडियो भेजा और छह लाख की रंगदारी की मांग की। इसके बाद अमित के परिवार वाले घबरा गए और उन्होंने आरोपियों द्वारा दिए गए अकाउंट नंबर पर 50 हजार रुपये ट्रांसफर किए। हालांकि, उन्होंने इसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बताया, अपहरण की जानकारी सामने आने के बाद मंझौल एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस दल का गठन किया गया। इस टीम ने पटना और औरंगाबाद जिलों में कई स्थानों पर छापेमारी की और आखिरकार सफलता मिली। पुलिस ने बताया, आरोपियों की पहचान आदर्श कुमार और एहसान अंसारी के रूप में हुई है, जबकि गया जिले के रहने वाले व्यक्ति की पहचान सुजीत कुमार के रूप में हुई है। अपराध में प्रयुक्त एक कार भी बरामद की गई है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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