Bihar News: नेपाल में बीते 24 घंटे से भारी बारिश, जिसका असर बिहार पर देखने को मिल रहा है। भारी बारिश के कारण बागमती नदी उफान पर है, यही कारण है कि उसकी सहायक नदियों में भी जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इस वृद्धि के कारण उत्तर बिहार के कई जिलों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार रात लगभग 10 बजे अतरार घाट पर चचरी पुल फिर से बह गया, जिससे मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर और समस्तीपुर जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा
प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि एक सप्ताह पहले इस पुल की मरम्मत की गई थी। रविवार सुबह बागमती के जलस्तर में 54 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई, लेकिन दोपहर में 30 सेंटीमीटर की कमी भी दर्ज की गई। पुल के बहने से स्थानीय लोगों को प्रखंड मुख्यालय पहुंचने के लिए 30 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। बागमती नदी के तटबंध की मरम्मत के लिए स्थानीय निवासियों को इलाका खाली करने का निर्देश दिया गया है, लेकिन विस्थापितों का कहना है कि वे कहां जाएं। स्थानीय निवासी इस समस्या को हर साल का मुद्दा बताते हैं, जिससे उन्हें रोजगार की कमी और दैनिक खर्चों में वृद्धि का सामना करना पड़ता है।
बिहार के दक्षिणी हिस्से पर 20 हजार परिवार विस्थापित हुए
बागमती तटबंध के उत्तरी और दक्षिणी हिस्से में 20,000 परिवार विस्थापित हुए हैं, जिनमें से 12,000 लोग विभिन्न स्थानों पर बस गए हैं, जबकि 8,000 लोग अभी भी तटबंध के अंदर रह रहे हैं। रविवार सुबह बागमती के जलस्तर में दो से ढाई फीट की वृद्धि हुई, जिससे कटरा-पहसौल-यजुआर मुख्य मार्ग पर बकुची स्थित पीपा पुल का दक्षिणी भाग क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, पुल की मरम्मत के बाद आवागमन फिर से शुरू हो गया है। प्रशासन ने संभावित बाढ़ से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
