Dhirendra Krishna Shastri : बागेश्वर बाबा (Bageshwar Baba) के नाम से मशहूर हो चुके पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) का दरबार अब बिहार में लगने वाला है। बाबा के कार्यक्रम की तारीख से लेकर दरबार के स्थल तक सब कुछ निर्धारित हो चुका है, लेकिन इसी बीच प्रतिक्रिया लालू यादव के बेटे और बिहार के पर्यावरण मंत्री तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) की। अपने विवादित बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले तेज प्रताप ने बाबा को अल्टीमेटम दे दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर बागेश्वर बाबा (Bageshwar Baba) ने हिन्दू मुस्लिम को लड़ाने की बात करेंगे तो वे उनका विरोध करेंगे।
इस दिन लगेगा बाबा का दरबार
धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) का पटना में 13 से 17 मई तक दरबार लगना प्रस्तावित बताया जा रहा है। कई आयोजकों ने बुकिंग के लिए आवेदन भी किया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक 12 मई की शाम दीघा घाट से गांधी मैदान तक पहले एक कलश यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें हजारों की तादाद में महिलाओं के शामिल होने की बात कही जा रही है। वहीं, कुछ स्थानीय लोगों का ये भी कहना है कि बागेश्वर बाबा बिहार के नौबतपुर के ग्राम तरेत पहुंचेंगे और तीन घंटे तक अर्जियां सुनेंगे। इस गांव को राघवेंद्र भगवान की धरती के नाम से भी जाना जाता है। बताया गया है बाबा के दरबार (Bageshwar Baba Darbar) में करीब तीन लाख लोग आ सकते हैं। जिसके लेकर भक्तों में उत्साह भी और तैयारियां भी लगभग पूरी हो चुकी हैं।
क्या बोले तेज प्रताप
बिहार के पर्यावरण मंत्री तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने बागेश्वर बाबा (Bageshwar Baba) के कार्यक्रम पर आपत्ति जताई है। एएनआई के अनुसार, उन्होंने कहा है कि 'अगर बागेश्वर बाबा (Bageshwar Baba) हिंदू मुसलमान भाई को लड़वाने के लिए आ रहे हैं तो मैं उनका विरोध करूंगा, मैं उनका हवाई अड्डे पर घेराव करूंगा। अगर भाईचारे का संदेश देंगे कि हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई हम सब हैं भाई-भाई तो उनकी बिहार में एंट्री हो सकती है।' बता दें कि ये बयान पंडित शास्त्री के कार्यक्रम से पहले आया है।
कौन हैं बाबा बागेश्वर
कथावाचक बाबा बागेश्वर का पूरा नाम पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) है। पिछले काफी महीनों से वे अलग-अलग मुद्दों को लेकर चर्चा में आए हैं। लगभग अपने सभी दरबारों में वे हिन्दू राष्ट्र की पैरोकारी करते दिखते हैं। उन्होंने बहुत ही कम उम्र में काफी प्रसिद्धि पा ली है। वे खुद को भगवान बालाजी का भक्त बताते हैं और कहते हैं कि उन्हीं की कृपा से वे भक्तों की समस्याओं को भांप लेते हैं। यूपी के प्रयागराज और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में उनके दरबार में लाखों भक्तों की भीड़ देखी गई थी। बताया जा रहा है कि अब उनका दरबार बिहार में लगने वाला है।
