पटना: अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, मस्तीचक में गरीब लड़कियों को ऑप्टोमेट्रिस्ट और फुटबॉलर बनाने का कार्य कर रहा है। यहां हर लड़की के लिए फुटबॉल खेलना अनिवार्य है, और अब तक 15 लड़कियां राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकी हैं। 2009 से, 725 लड़कियों को निःशुल्क आवासीय पढ़ाई और प्रशिक्षण दिया गया है। कार्यक्रम का नाम 'फुटबॉल टू आईबाॅल' है, जिसमें ऑप्टोमेट्री में स्नातक कोर्स कराया जाता है। वर्तमान में 286 लड़कियां इस प्रोग्राम में पढ़ाई कर रही हैं। प्रवेश के लिए गरीबी और 23 साल से पहले शादी न करने की शर्त है। अस्पताल की शुरुआत 1991 में हुई थी, और यहां सालाना एक लाख आंखों के ऑपरेशन होते हैं, जिनमें से 80% निःशुल्क हैं।
इस अस्पताल में एडमिशन लेने वाली लड़कियों के लिए प्लेसमेंट की भी व्यवस्था है, जिससे वे अपने करियर की शुरुआत कर सकें। 2009 से लेकर अब तक, इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने वाली 725 लड़कियों ने अपने सपनों को साकार किया है। और तो और, 15 प्रतिभाशाली लड़कियां राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल स्पर्धाओं में अपनी छाप छोड़ चुकी हैं!क्या आप भी इस अद्भुत अवसर का हिस्सा बनना चाहते हैं? अपने भविष्य को संवारने का यह सुनहरा मौका न चूकें!
- अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, पटना से 40 किमी दूर मस्तीचक में स्थित है।
- यह गरीब लड़कियों को ऑप्टोमेट्रिस्ट और फुटबॉलर बनाने का कार्य कर रहा है।
- हर लड़की के लिए फुटबॉल खेलना अनिवार्य है।
- अब तक 15 लड़कियां राष्ट्रीय स्तर पर फुटबॉल खेल चुकी हैं, जिनमें सोनिया राय भी शामिल हैं।
- दसवीं और बारहवीं पास लड़कियों को निःशुल्क आवासीय पढ़ाई और प्रशिक्षण दिया जाता है।
- 2009 से अब तक 725 लड़कियां इस कार्यक्रम का हिस्सा बन चुकी हैं।
- फुटबॉल टू आईबाॅल नामक कार्यक्रम के तहत लड़कियों को ऑप्टोमेट्री में स्नातक कोर्स कराया जाता है।
- 286 लड़कियां वर्तमान में इस प्रोग्राम में निःशुल्क पढ़ाई कर रही हैं।
- प्रवेश की शर्तें: गरीबी और 23 साल से पहले शादी नहीं।
- 60 लड़कियां इस प्रोग्राम में लीडिंग पोजिशन पर हैं।
- अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल की शुरुआत 1991 में हुई थी।
- यहां 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी आई हॉस्पिटल है, जहां सालाना एक लाख आंखों के ऑपरेशन होते हैं।
- 80% ऑपरेशन निःशुल्क किए जाते हैं।
