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बांके बिहार मंदिर में आधी रात को आखिर क्यों पहुंचे NSG कमांडो, आसपास की लाइट भी काटी

वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में बुधवार देर रात NSG कमांडो और सुरक्षा एजेंसियों के कई सुरक्षाकर्मी पहुंचे। अचानक सायरन, बिजली कटौती और हथियारबंद जवानों की हलचल से अफरातफरी जैसा माहौल पैदा किया गया। जानें आखिर ऐसा क्यों हुआ और आगे क्या-क्या हुआ?

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बांके बिहार मंदिर परिसर में देर रात क्यों आए NSG कमांडो (AI)

मंगलवार रात दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हुई। इस दौरान कुछ उपद्रवी तत्वों ने पुलिस और प्रशासन पर पथराव कर दिया। इससे वहां के हालात बिगड़ गए और पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा। इधर भगवान कृष्ण की नगरी वृंदावन में कल यानी बुधवार 7 जनवरी की रात अचानक सुरक्षा कर्मियों और NSG कमांडो की हलचल बढ़ गई। बड़ी संख्या में अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सुरक्षाकर्मी बांके बिहारी मंदिर पहुंच गए। यही नहीं इलाके की लाइट भी काट दी गई। फिर वहां अफरातफरी जैसा माहौल देखने को मिला। चलिए जानते हैं क्या है मामला।

सर्द रात में गूंजा गाड़ियों का सायरन

वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर परिसर को अचानक NSG कमांडो ने चारों तरफ से घर लिया। कड़ाके की ठंड के बीच इस सर्द रात में गाड़ियों के सायरन से इलाके की शांति टूटी। हालांकि, ठंड के बीच लोग घरों में दुबके रहे, लेकिन सायरन की आवाज ने उनके कान खड़े कर दिए। फिर इधर-उधर दौड़ते सुरक्षाकर्मियों के बूटों की आवाज आने लगी। कार्रवाई ऐसी थी जैसे वे किसी आतंकवादी कार्रवाई से निपटने की कोशिश कर रहे हों।

आतंकी वारदात!

जी हां आपने सही पढ़ा आतंकी वारदात। देर रात सुरक्षाकर्मियों ने बांके बिहारी मंदिर परिसर में किसी भी आतंकी वारदात से निपटने के लिए मॉक ड्रिल की। इस दौरान बांके बिहारी मंदिर और आसपास की गलियों में NSG कमांडो फैल गए और कई अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर सर्द रात के सन्नाटे में मॉक ड्रिल किया। रात के अंधेरे में सैकड़ों की संख्या में पहुंचे NSG कमांडो पूरे हथियार से सुसज्जित थे। यहां उन्होंने किसी भी अनहोनी घटना या आतंकी घटना से निपटने के लिए प्रैक्टिस यानी मॉक ड्रिल की।

अचानक शुरू हुई इस मॉक ड्रिल से वहां अफरा-तफरी जैसे हालात दिखे। हालांकि, उस समय मंदिर और गलियों में लोग नहीं थे। इक्का-दुक्का लोग वहां मौजूद थे, जिन्हें सुरक्षाकर्मियों ने हटा दिया। मंदिर परिसर में गेट नंबर 1 से कुछ लोग एक व्यक्ति को स्ट्रेचर पर लाते हुए दिखाई दिए। इसके बाद स्ट्रेचर पर लाए गए व्यक्ति को E कार्ट की मदद से अस्पताल पहुंचाने की भी मॉक ड्रिल की गई।

घरों की छतों पर पहुंचे NSG कमांडो

फिर कुछ ही देर में मंदिर परिसर के आसपास मौजूद घरों की छतों और गलियों में अत्याधुनिक हथियारों से लैस NSG कमांडो नजर आने लगे। इस पूरी ड्रिल को देखकर ऐसा लग रहा था, मानो वे किसी आतंकी की तलाश में हैं।

मॉक ड्रिल से पहले रात को NSG कमांडो फोर्स ने मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ खत्म होने के बाद पूरे मंदिर का पूरा मुआयना किया और मंदिर के अंदर व बाहर के हालातों का भी जायजा लिया। रात 11 बजे मॉक ड्रिल की शुरुआत हुई और आसपास की बिजली भी काट दी गई। मंदिर में भक्तों के बीच आतंकी हमले का सामने करने के साथ ही आतंकी हमले को नाकाम करने की पूरी रिहर्सल की गई। ये मॉक ड्रिल तड़के 3 बजे तक चलती रही।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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