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आंध्र प्रदेश के लोगों को बड़ा तोहफा, पेंशन राशि में इजाफा; नायडू सरकार देगी 4 हजार महीने

NTR Bharosa Samajik Pension : आंध्र प्रदेश के लोगों को अब तीन हजार की जगह चार हजार रुपये प्रति माह पेंशन दी जाएगी। नई सरकार ने पुरानी वाईएसआरसीपी सरकार की पेंशन स्कीम का नाम बदलकर 'एनटीआर भरोसा सामाजिक पेंशन' कर दिया है।

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एनटीआर भरोसा सामाजिक पेंशन

Photo : Twitter

NTR Bharosa Samajik Pension : आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को गुंटूर जिले के पेनुमाका में नई राजग सरकार के पहले पेंशन वितरण कार्यक्रम में भाग लिया। तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनसेना वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार ने पेंशन योजना की राशि को बढ़ाकर 4,000 रुपये प्रति माह कर दिया है जो पूर्ववर्ती युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) सरकार के दौरान 3,000 रुपये प्रति माह थी। इसका नाम भी बदलकर 'एनटीआर भरोसा सामाजिक पेंशन' कर दिया गया है।

कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू एक लाभार्थी के घर गए और कुछ देर तक उसके परिवार के सदस्यों से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने तीन लाभार्थियों को पेंशन राशि सौंपी। नायडू ने लाभार्थी परिवार से कहा कि मैं आपके लिए एक घर स्वीकृत कर रहा हूं। हम आपके लिए एक घर बनाएंगे।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को कैम्पस क्षेत्र विकास प्राधिकरण (सीआरडीए) के अधिकारियों के साथ मिलकर पेनुमाका क्षेत्र में पात्र व्यक्तियों के लिए घर बनाने का निर्देश दिया। राज्य सरकार ने पात्र लाभार्थियों को 7,000 रुपये पेंशन वितरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें अप्रैल, मई और जून के लिए, बढ़ी हुई राशि के 1,000-1,000 रुपये और जुलाई की 4,000 रुपये की पेंशन शामिल है।

(इनपुट-भाषा)

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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