Noida News: नोएडा से एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां एक स्कूल की बस में सवार 6 साल का मासूम छात्र लगभग 6 घंटे तक अकेले बस में बंद रहा। दरअसल, बस खराब होने के बाद सभी छात्रों को दूसरी बस में शिफ्ट कर दिया गया, लेकिन यह सोता हुआ बच्चा बस में ही छूट गया, जो करीब 6 घंटे के बाद एक यार्ड में पार्क की गई बस में मिला। गनीमत रही कि बच्चा सही-सलामत था और उसे कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा। लेकिन यह घटना बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करती है। इससे स्कूल ट्रांसपोर्ट सिस्टम की भारी चूक उजागर हुई है।
सोते हुए बच्चे को नहीं देख पाया स्टाफ
यह घटना गुरुवार सुबह की बताई जा रही है। स्कूल प्रशासन के मुताबिक, 6 वर्षीय UKG का छात्र रोजाना की तरह सुबह स्कूल की बस में सवार हुआ, लेकिन रास्ते में नींद आने की वजह से सो गया। इसी बीच, बस में भी तकनीकी खराबी का पता चला, जिसके बाद बस को रास्ते में रोककर स्टाफ ने दूसरी बस में सभी बच्चों को शिफ्ट कर दिया, लेकिन सो रहे बच्चे पर किसी स्टाफ का ध्यान नहीं गया। जिस कारण वह खराब बस में छूट गया।
स्कूल से 25 किमी यार्ड में खड़ी थी बस
बताया गया है कि खराब बस को एक यार्ड में लाकर खड़ा कर दिया गया। यह यार्ड स्कूल से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित था। बच्चा करीब 6 घंटे तक इसी बस में था। जब वह स्कूल से घर वापस नहीं पहुंचा, तो परिजनों ने स्कूल से संपर्क किया। जहां उन्हें बताया गया कि बच्चा बस रजिस्टर में उपस्थित दिखाया गया था। लेकिन क्लास अटेंडेंस में वह अनुपस्थित था, जिससे यह मामला संदिग्ध हो गया और बच्चे की खोजबीन शुरू की गई।
स्कूल प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बच्चे को सुरक्षित खोज निकाला। जिसके बाद उसे माता-पिता से मिलवाया गया। इस मामले को लेकर स्कूल प्रबंधन का बयान भी सामने आया, जिसमें कहा गया, ''स्कूल प्रशासन को आज एक घटना के बारे में बताया गया, जिसमें एक छात्र स्कूल बस में ही रह गया था, क्योंकि अचानक कुछ तकनीकी समस्या आने की वजह से गाड़ी बदलनी पड़ी। मामला हमारे संज्ञान में आने के बाद तुरंत एक्शन लिया गया। स्कूल आते समय, रास्ते में बच्चे को नींद आ गई थी। बिना देर किए बच्चे को ढूंढ लिया गया और सुरक्षित उसके माता-पिता से मिला दिया गया है। हमें यह कन्फर्म करते हुए राहत मिली है कि छात्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।''
बयान में कहा गया कि हर छात्र की सेफ्टी, सिक्योरिटी और वेल-बीइंग हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। स्कूल प्रबंधन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और तय ट्रांसपोर्ट प्रोटोकॉल का पूरा रिव्यू शुरू किया है। जवाबदेही तय करने के लिए सही और सख्त एक्शन लिया जा रहा है, और दोबारा ऐसी घटना न हो, इसके लिए और जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
