नोएडा

Noida के 6 सेक्टरों की बदलेगी सूरत, सड़कें चौड़ी कर लगाए जाएंगे CCTV कैमरे

नोएडा में 6 सड़कों को चौड़ा कर सीसीटीवी कैमरे लगाने और सफाई कर्मचारियों की पर्याप्त तैनाती की मांग पर कार्य शुरू हो चुका है। इधर, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद की ओर जाने वाली सड़क को चौड़ा करने और निकटतम मेट्रो स्टेशनों के लिए सार्वजनिक परिवहन की भी मांग की गई है।

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नोएडा में सड़क चौड़ीकरण

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

नोएडा: जल्द ही शहर की 6 प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण होने वाला है। सेक्टर 117, 118, 119, 120, 121 और 122 में जल्द ही चौड़ी सड़कें, फुटपाथ, स्पीड ब्रेकर, साइनबोर्ड, स्ट्रीट लाइट और अन्य सुविधाएं होंगी। फिलहाल, नोएडा प्राधिकरण ने विकास कार्य शुरू कर दिया है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि ये कार्य काफी लंबे समय से लंबित थे। लगातार मांगों के बाद बुधवार को काम शुरू किया गया। इनके बनने से काफी सहूलियत होगी।

ये भी है मांग

नोएडा हाईराइज फेडरेशन (एनएचआरएफ) के अनुसार, उन्होंने इन मांगों को बार-बार उठाया था। प्राधिकरण के कार्य शुरू करने से जल्द ही समस्याओं से निजात मिलेगा। यहां सड़क की मरम्मत के अलावा सेक्टरों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, सफाई कर्मचारियों की पर्याप्त तैनाती, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद की ओर जाने वाली सड़क को चौड़ा करने और निकटतम मेट्रो स्टेशनों के लिए सार्वजनिक परिवहन की भी मांग की गई है। लोगों का कहना है कि ये लंबे समय से लंबित मांगें थीं।

पांच लाख लोगों को फायदा

एनएचआरएफ के पदाधिकारियों ने कहा कि इन छह क्षेत्रों में लगभग 5 लाख लोग रहते हैं और विकास कार्यों से पड़ोसी ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी लाभ होगा। उन्होंने बताया कि अब चौड़ी की जा रही कुछ प्रमुख सड़कों में सेक्टर 122 में यदु पब्लिक स्कूल के पास की संकरी गड्ढों वाली सड़क शामिल है, जो इस सेक्टर को सेक्टर 117, 120, 121 और सरफाबाद सहित अन्य स्थानों से जोड़ने वाली मुख्य सड़क भी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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