नोएडा

नोएडा में पुरानी सोसाइटियों का बदलेगा रंग-रूप, रिडेवलपमेंट पॉलिसी से प्रभावित होंगी यह ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं

नोएडा रिडेवलपमेंट पॉलिसी की नीति के अंतर्गत किसी भी जर्जर या 30 वर्ष से ज्यादा पुरानी आवासीय सोसाइटी को रिडेवलप किया जाएगा। इस प्रक्रिया के दौरान, फ्लैट मालिकों के लिए रहने की व्यवस्था का जिम्मा बिल्डर के ऊपर होगा।

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पुरानी आवासीय सोसाइटियों का होगा पुनर्विकास (सांकेतिक फोटो)

Photo : Times Now Digital

नोएडा में पुरानी और जर्जर सोसाइटियों के रीडेवलपमेंट के लिए एक नई नीति को मंजूरी दी गई है। जानकारी के मुताबिक, यह नीति उन सोसाइटियों पर लागू होगी जो 30 साल या उससे ज्यादा पुरानी हैं। रीडेवलपमेंट के तहत, निवासियों को नए फ्लैट में कम से कम 10 प्रतिशत अधिक इलाका मिलेगा। इस प्रक्रिया में, निवासियों को अस्थायी आवास की व्यवस्था भी बिल्डर द्वारा की जाएगी जब तक कि नए फ्लैट तैयार नहीं हो जाते।

इस नीति के मुताबिक, रीडेवलपमेंट की प्रक्रिया शुरू करने के लिए 70 प्रतिशत निवासियों की सहमति आवश्यक होनी चाहिए। ऐसे में नोएडा के सेक्टर 52, 61, 34, 11, 82, 71, 73, 105, 135, 66, 93, 93ए, और 27 जैसी कई पुरानी ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं इस रीडेवलपमेंट से प्रभावित होंगी। बिल्डरों को 3.5 एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) दिया जाएगा, जिसमें से 2.75 एफएआर मुफ्त होगा, जिससे वे अतिरिक्त फ्लैट बना सकेंगे।

इसके अलावा, नोएडा अथॉरिटी ने यह भी फैसला लिया है कि होटल प्लॉट्स को PPP मॉडल पर दिया जाएगा, जिसमें एक 7-स्टार और एक 3-स्टार होटल के लिए दो प्लॉट की योजना बनाई गई है। बताया जा रहा है कि यह कदम नोएडा में आवासीय और व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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