नोएडा

बड़े एक्शन की तैयारी में नोएडा अथॉरिटी, 27 बिल्डरों की प्रॉपर्टी हो सकती है सील, सर्वे पूरा, देखें लिस्ट

नोएडा के ऐसे 27 बिल्डर हैं, जिन्होंने अभी तक बकाया धनराशि जमा नहीं कराई है। अब परियोजना के तहत इनके खाली फ्लैट, प्लॉट, दुकान का सर्वे किया गया है। इसकी डिटेल तैयार की गई है। ऐसे में अगर ये बिल्डर इस महीने तक अमिताभ कांत की सिफारिश के तहत 25% पैसा जमा नहीं करते हैं, तो इनकी प्रॉपर्टी को सील कर दिया जाएगा-

Image

नोएडा फ्लैट्स ( प्रतिकात्मक)

Noida: नोएडा शहर में फ्लैट खरीदने वालों को किसी तरह की परेशानी का सामाना न करना पड़े। इसके लिए अमिताभकांत समिति की सिफारिश लागू किए गए हैं। इन्हें लागू किए करीब चार माह बीत चुके हैं। लेकिन अभी बिल्डरों के ओर से पैसे जमा नहीं कि गए। बकाया में से अभी तक सिर्फ 15 बिल्डर ही पैसा जमा करने को आगे आएं हैं। जिसे लेकर प्राधिकरण ने नोएडा के बिल्डरों पर सख्ती बरती है। इन बिल्डरों की स्टेटस रिपोर्ट प्रसाशन को भेजी गई थी। इसके साथ ये भी कहा गया था कि जो बिल्डर पैसा जमा नहीं करा रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

27 बिल्डरों ने नहीं जमा कराया बकाया

आपको बता दें कि ऐसे 27 बिल्डर हैं, जिन्होंने अभी तक पैसा जमा नहीं कराया है। अब परियोजना के तहत इनके खाली फ्लैट, प्लॉट, दुकान का सर्वे किया गया है। इसकी डिटेल तैयार की गई है। ऐसे में अगर ये बिल्डर इस महीने तक अमिताभ कांत की सिफारिश के तहत 25% पैसा जमा नहीं करते हैं, तो इनकी प्रॉपर्टी को सील कर दिया जाएगा। इन बिल्डरों में से 12 बिल्डर ऐसे भी हैं, जिनपर करीब 1696 करोड़ से ज्यादा का बकाया है। लेकिन, इन बिल्डरों ने अमिताभ कांत की सिफारिश के तहत न तो मंजूरी दी है और न ही ये प्राधिकरण की ओर से आयोजित बैठक में आएं हैं।

12 बिल्डरों को भेजा गया नोटिस

बाकाया के लिए 12 बिल्डरों को प्राधिकरण की ओर से नोटिस भी जारी किया गया है। लेकिन, अभी तक इसका जवाब भी नहीं दिया गया है। ऐसे में इनकी प्रॉपर्टी का सर्वे कराया गया। जिससे कि इन बिल्डरों की प्रॉपर्टी को सील कर प्राधिकरण बकाया निकाल सकें और रजिस्ट्री का काम पूरा किया जा सके। प्राधिकरण एसीईओ वंदना त्रिपाठी ने कहा कि इन बिल्डरों की जो भी खाली इनवेंट्री प्रॉपर्टी है, उसको सील किया जाएगा, जिससे कि बकाया राशी मिल सके और रजिस्ट्री का काम शुरू किया जा सके।

कुल इनते फ्लैट्स की होगी रजिस्ट्री

अगर नोएडा के आकडों की बात की जाए तो नोएडा में 57 में से 22 बिल्डरों ने अभी तक 25% धनराशि यानी 173.77 करोड़ जमा करा दिए हैं। लेकिन, इन 20 बिल्डरों से नोएडा प्राधिकरण को करीब 450 करोड़ रुपये दिए जाने हैं। अभी तक 4 बिल्डरों ने कुल 25% धनराशि 83.47 करोड़ में 53.68 करोड़ जमा कराई है। उन्हीं में से 18 ऐसे बिल्डर है, जिन्होंने 25% धनराशि जमा कराने की मंजूरी दी है। जिन बिल्डरो ने 25% रुपये दिए हैं, उनमें से कुल 1604 रजिस्ट्री होंगी। आपको बता दें कि नोएडा प्राधिकरण ने 01 मार्च, 29 अप्रैल और 08 मई को अलग-अलग जगहों पर कैंप लगाकर 530 रजिस्ट्री कराई।

इन बिल्डरों की प्रोपर्टी को किया गया सील, देखें लिस्ट

टीबी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड-55.27 करोड़

एमपीजी रियेल्टी प्राइवेट लिमिटेड- 38.92 करोड़

एजीसी रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड- 20.80 करोड़

सिविटेक डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड-8.77 करोड़

मनीषा किबी प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड-0.38 करोड़

आईवीआर प्राइम-659.92 करोड़

एसोटेक लिमिटेड-267.80 करोड़

एसोटेक कांट्रैक्टस लिमिटेड-189.88 करोड़

आर जी रैजिडेंस प्राइवेट लिमिटेड-170.10 करोड़

गार्डेनिया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड-111.84 करोड़

फ्यूटेक शेल्टर प्राइवेट लिमिटेड-114.71 करोड़

एवीपी बिल्डटैक प्राइवेट लिमिटेड-58.38 करोड़

Maahi Yashodhar
Maahi Yashodharauthor

माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

और पढ़ें
End of Article