नोएडा

FIITJEE क्लासेज घोटाला केस: संचालकों पर मुकदमा दर्ज, सैकड़ों बैंक खातों में मिले करोड़ों रुपये; सभी होंगे सील

नोएडा पुलिस ने FIITJEE संचालकों पर मुकदमा दर्ज करने के बाद उनके बैंक खातों को सीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। अलग-अलग बैंकों में FIITJEE से जुड़े सैकड़ों खाते मिले हैं। पुलिस के मुताबिक कई खाते सीज किए गए हैं।

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(फाइल फोटो)

नोएडा: गाजियाबाद और मेरठ के बाद नोएडा के सेक्टर-62 स्थित फिटजी इंस्टीट्यूट भी बंद हो गया है। अब इंस्टीट्यूट पर ताला लगाने की नौबत आ गई है। नोएडा पुलिस ने FIITJEE संचालकों पर मुकदमा दर्ज करने के बाद उनके बैंक खातों को सीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। अलग-अलग बैंकों में FIITJEE से जुड़े सैकड़ों खाते मिले हैं। पुलिस के मुताबिक कई खाते सीज किए गए हैं और जल्द ही शेष खातों को सीज कराया जा रहा है। सैकड़ो खातों में करोड़ों रुपये की राशि जमा होने की जानकारी सामने आ रही है।

95 प्रतिशत छात्रों की एडवांस फीस जमा

इस कोचिंग में पढ़ने वाले छात्रों के परिजनों ने बताया था कि 95 प्रतिशत छात्रों की एडवांस फीस जमा है। जबकि, अभी सिर्फ कोर्स 40 प्रतिशत ही पूरा हुआ है। हमारी फीस वापस की जाए या फिर 60 प्रतिशत कोर्स पूरा कराया जाए। यहां पर करीब 2,000 बच्चे पढ़ते थे। इसकी फीस अन्य संस्थानों से बहुत ज्यादा है। लोगों ने लोन लेकर फीस भरी है। कोर्स पूरा कराएं या फिर फीस वापस करें। उसके बाद हम लोग निर्धारित करेंगे कि बच्चे को कौन से संस्थान में पढ़ाना है।

देश के कई राज्यों में फिटजी के इंस्टीट्यूट बंद हो रहे थे। हम लोगों ने आकर बात की थी, उस दौरान आश्वासन दिया गया था कि नोएडा कैंपस में ऐसा नहीं होगा। फिलहाल, पुलिस अधिकारी पूरे मामले की जांच कर आगे की विधिक कार्रवाई कर रहे हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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