नोएडा

नोएडा के खिलाड़ियों को नहीं जाना होगा बाहर, शहर में ही बनेगा पहला सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक

Noida First Synthetic Track: सेक्टर-21ए में नोएडा स्टेडियम में जिले का पहला सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक जल्द ही बनाया जाएगा। इसका काम 10 बाद शुरू होने वाला है। इसके बनने के बाद खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी और उनके प्रदर्शन भी और सुधार होगा।

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सांकेतिक फोटो

Photo : ANI

Noida Synthetic Track: नोएडा में जिले का पहला सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक बनने जा रहा है। इसे सेक्टर-21A में स्थित नोएडा स्टेडियम में बनाया जाएगा। जिसका काम दस दिन बाद शुरू हो जाएगा। इसके निर्माण के लिए नोएडा प्राधिकरण ने एक एजेंसी को टेंडर दे दिया है। इस ट्रैक की लंबाई 300 मीटर होगी। जिसके निर्माण की लागत करीब 2.90 करोड़ रुपये तय की गई है। नोएडा स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक बनने से खिलाड़ियों को अभ्यास करने में मदद मिलेगी और उनका खेल में उनका प्रदर्शन भी बेहतर होगा।

नोएडा में नहीं है कोई सिंथेटिक ट्रैक

नोएडा प्राधिकरण के अनुसार सिंथेटिक ट्रैक को नोएडा स्टेडिम में स्केटिंग रिंग के पास खाली स्थान पर बनाया जाएगा। अगर जरूरत पड़ेगी तो रामलीला मैदान का कुछ हिस्सा भी ट्रैक के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसके निर्माण के लिए प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम ने करीब 6 महीने पहले स्टेडियम का निरीक्षण किया था। जिसके बाद उन्होंने एथलेटिक्स ट्रैक बनाने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए थे। फिलहाल नोएडा में किसी स्टेडियम या ग्राउंड पर कोई सिंथेटिक ट्रैक नहीं है। यह जिले का पहला सिंथेटिक ट्रैक होगा। हालांकि ग्रेटर नोएडा के मलकपुर स्टेडियम में एथलेटिक्स ट्रैक है, लेकिन यह ट्रैक मिट्टी का बना है। प्राधिकरण के उपमहाप्रबंधक विजय रावल ने बताया कि निर्माण एजेंसी का चयन कर लिया गया है और जल्द ही इसका काम शुरू हो जाएगा।

दौड़ के अलावा इन खेलों में भी होगा इस्तेमाल

नोएडा स्टेडियम में इस सिंथेटिक ट्रैक के बनने से जिले के खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास करने की सुविधा मिलेगी। इसके निर्माण से नोएडा के करीब 200 स्टेट और नेशनल लेवल के एथलीटों को फायदा होगा। सिथेंटिक ट्रैक का इस्तेमाल 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर और बाधा दौड़ समेत अन्य खेलों के लिए किया जा सकेगा। इसके बीच में खाली हिस्से पर लंबी कूद, ऊंची कूद, डिस्कस थ्रो, हैमर थ्रो, शॉटपुट, भाला फेंक और पोल वॉल्ट खेल का आयोजन हो सकता है। सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ने से खिलाड़ियों के प्रदर्शन में और सुधार होगा। स्टेट और नेशनल कॉम्पिटिशन भी ऐसे ही ट्रैकों पर होते हैं, ऐसे में इस ट्रैक का इस्तेमाल अभ्यास के दौरान करने से एथलीटों को ऊंचे स्तर तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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