नोएडा

Noida News: जाम के झाम से होंगे टेंशन मुक्त, नोएडा को मिलेगा 'मिनी एक्सप्रेसवे' का गिफ्ट

नोएडा अथॉरिटी शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए खास प्रोजेक्ट लेकर आ रहा है। इस प्रोजेक्ट में नया एक्सप्रेसवे बनाने का प्लान है।

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फाइल फोटो

नोएडा: एनसीआर के जिलों में बढ़ता यातायात बड़ी समस्या के तौर पर देखा जा रहा है। लिहाजा, इससे निपटने के लिए खास प्लान तैयार किए जा रहे हैं। खासकर, दिल्ली से सटे नोएडा के लोग और यहां आने-जाने वाले लोग अक्सर जाम के झाम से जूझते हैं। इसी बीच नोएडा के लोगों के लिए एक गुड न्यूज आई है। अब यहां के लोगों को जाम से छुटकारा मिलने वाला है। नोएडा अथॉरिटी शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए खास प्रोजेक्ट लेकर आ रहा है। इस प्रोजेक्ट में नया एक्सप्रेसवे बनाने का प्लान है। इसके बनने से बड़ी संख्या में वाहन चालकों को ट्रैफिक समस्या से राहत मिलेगी।

नोएडा प्राधिकरण का फैसला

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस एक्सप्रेसवे के निर्मोण से नोएडा और ग्रेटर नोएडा से दिल्ली का आवागमन आसान हो जाएगा। यह निर्णय गुरुवार को नोएडा प्राधिकरण की बैठक में लिया गया है। इस योजना को जमीन पर लाने के लिए नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ संजय खत्री का बड़ा हाथ है। उन्ही की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी जो इसका पूरा खाका तैयार करेगी।

जेवर एयरपोर्ट बढ़ाएगा ट्रैफिक

ट्राईसिटी टुडे की रिपोर्ट के लेख के मुताबिक, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर दवाब बढ़ता जा रहा है। दोनों शहरों के बीच उपयोग करने का सबसे अच्छा मार्ग अभी नोएडा एक्सप्रेसवे ही है, लेकिन काफी तेजी के साथ एक्सप्रेसवे पर वाहनों का दबाव बड़ी समस्या के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने के बाद इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों की संख्या करीब दोगुना होने का अनुमान है, जो अपने आप में एक बड़ी चुनौती उभर कर सामने आएगी। लिहाजा इससे निपटने के लिए नए सड़क के निर्माण का प्लान तैयार होने वाला है।
Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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