Noida News: फरवरी महीने में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए नया नोएडा में भी निवेश का प्रारूप तैयार किया जा रहा है। ऐसे में नोएडा में जमीन मांगने वाले इन्वेस्टर्स को नए नोएडा में जगह देने की तैयारी चल रही हैं। यहां पर 5 साल के अंदर 1300 से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों का संचालन किया जा रहा है। माना जा रहा है कि नोएडा में निवेश से 50 हजार नौकरियों के रास्ते खुल जाएंगे।
नोएडा में कई उद्योग जगत के समूह बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं। इसके लिए नोएडा प्राधिकरण ग्रुप से एक लाख एकड़ जमीन वेयर हाउस के लिए मांगी है। नोएडा में उपलब्ध नहीं होने पर नए नोएडा (डीएनजीआईआर) में इस जमीन को उपलब्ध कराया जाएगा। 4 फेज में इसे विकसित करने का प्लान है। 1.5 लाख करोड़ से अधिक का निवेश होने की संभावना जताई जा रही है। पहले फेज में 3 हजार हेक्टेयर को विकसित करने के लिए 8500 करोड़ रुपए नोएडा प्राधिकरण की ओर से खर्च किया जाएगा।
पहले फेज में 40 हजार करोड़ निवेश
प्राधिकरण की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार पहले फेज में करीब 40 हजार करोड़ रुपए का निवेश आने वाला है। ये निवेश आगामी पांच सालों के लिए किया जाएगा। इससे 50 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। प्राधिकरण की औद्योगिक नीति के तहत भूखंड पर पजेशन मिलने के पांच साल में कंपनी को निर्माण और प्राधिकरण से फंक्शनल सर्टिफिकेट किसी भी हाल में लेना होगा। विशेष परिस्थिति में उसे अतिरिक्त दो साल का समय देने की योजना है। ऐसे में फरवरी में आयोजित होने वाली समिट में जो भी एमओयू साइन किए जाएंगे, उसमें नोएडा के साथ नए नोएडा के निवेश भी शामिल होंगे।
अधिक से अधिक निवेश के लिए रोड शो
जानकारी के लिए बता दें कि निवेश को बढ़ाने के लिए बुधवार को पहला रोड शो दिल्ली में होने जा रहा है। इस रोड शो में नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी एक प्रतिनिधि मंडल के साथ दिल्ली में उद्यमियों से बातचीत करने वाली हैं और नोएडा, ग्रेटर नोएडा का रोड मैप भी प्रस्तुत किया जाएगा। इसका टारगेट अधिक से अधिक निवेश के लिए एमओयू साइन करवाना है।
