नोएडा

'योगी' राज में बदमाशों की खैर नहीं, विकास दुबे, रमेश कालिया और असद का हो गया एनकाउंटर

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Apr 14, 2023, 11:03 AM IST

असद के एनकाउंटर के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मुस्लिम समाज को निशाना बनाया जा रहा है। लेकिन आंकड़ों के मुताबिक सच वो नहीं है। यहां पर हम उन कुछ खास मुठभेड़ों का जिक्र करेंगे जो योगी आदित्यनाथ से शासन के दौरान हुई है।

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योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में कई नामचीन बदमाश मारे गए

KEY HIGHLIGHTS
  • यूपी में अब तक 183 बदमाश मारे गए
  • अपराधियों के सिर पर 75 हजार से 5 लाख तक इनाम
  • जीरो टॉलरेंस से समझौता नहीं

अतीक अहमद के बेटे असद के एनकाउंटर के बाद यूपी पुलिस के स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से अमल किया जा रहा है और किया जाएगा। अगर वो इस तरह का बयान दे रहे थे उसके पीछे पुख्ता वजह भी है। झांसी में जिस तरह से असद और उसके दूसरे साथी गुलाम(दोनों पांच लाख के इनामी थे) एसटीएफ ने मार गिराया उसके जरिए यह संदेश देने की कोशिश हुई कि जो लोग यूपी पुलिस की गिरेबां पर हाथ डालेंगे और विधिसम्मत तरीके से खुद को कानून के सामने नहीं पेश करेंगे उनके खिलाफ इसी तरह से पुरजोर कार्रवाई की जाएगी।

बदमाशों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस

  • गैंगस्टर विकास दुबे 10 जुलाई, 2020 को कानपुर में एक मुठभेड़ में मारा गया था। दुबे को उज्जैन से कानपुर ले जा रही पुलिस की गाड़ी के पलट जाने के बाद मुठभेड़ शुरू हो गई थी और गैंगस्टर ने कथित तौर पर भागने का प्रयास किया था।
  • 25 जुलाई 2020 को बाराबंकी में यूपी पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स के संयुक्त अभियान में 1 लाख रुपये के इनामी गैंगस्टर टिंकू कपाला को मार गिराया गया।
  • 18 अक्टूबर, 2021 को लखनऊ के गोमती नगर इलाके में उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ मुठभेड़ में बांग्लादेशी गैंगस्टर हमजा मारा गया था।
  • सिधपुरा पुलिस स्टेशन के एक कांस्टेबल की कथित रूप से हत्या करने और कासगंज में एक सब-इंस्पेक्टर को घायल करने के आरोपी मोती सिंह को 21 फरवरी, 2021 को राज्य पुलिस ने एक मुठभेड़ में मार गिराया था।
  • 30 सितंबर 2022 को जौनपुर पुलिस के साथ मुठभेड़ में एक लाख रुपये के इनामी गैंगस्टर विनोद कुमार सिंह मारा गया था।
  • 21 मार्च, 2022 को वाराणसी (ग्रामीण) में उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UPSTF) के साथ मुठभेड़ में 2 लाख रुपये का इनामी अपराधी मारा गया था। मनीष सिंह उर्फ सोनू के खिलाफ 32 मामले दर्ज थे। उसके नाम पर हत्या के सात, हत्या के प्रयास के पांच और लूट, डकैती, डकैती के अन्य मामले शामिल हैं।

2017 से इतने मुठभेड़

समाचार रिपोर्टों के अनुसार, आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, योगी आदित्यनाथ सरकार के पिछले छह वर्षों में, राज्य पुलिस ने राज्य भर में 10 713 मुठभेड़ों में 183 अपराधियों या आरोपियों को मार गिराया है। इन मुठभेड़ों में जो मारे गए वे सभी गंभीर अपराधों के आरोपी थे।यूपी पुलिस ने मार्च 2017 से अब तक 183 सूचीबद्ध अपराधियों को मुठभेड़ों में मार गिराया है। उनमें से अधिकांश की गिरफ्तारी पर 75,000 रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का नकद इनाम था।

पिछले छह वर्षों में राज्य में हर 13 दिन में कम से कम एक सूचीबद्ध अपराधी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है। 20 मार्च 2017 से 6 मार्च 2023 के बीच हुई मुठभेड़ों में पुलिस ने 23,069 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 4911 लोग घायल हुए हैं। प्रशांत कुमार के अनुसार, गोलीबारी के दौरान 15 पुलिस कर्मियों की मौत हो गई, जबकि अन्य 1,424 को गोली लगी।

ललित राय
ललित रायauthor

खबरों को सटीक, तार्किक और विश्लेषण के अंदाज में पेश करना पेशा है। पिछले 10 वर्षों से डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव है।

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