नोएडा

Noida के ड्रीम टेंट हाउस-मैरिज लॉन में लगी भीषण आग, कई लोग फंसे; दमकल की 6 गाड़ियों ने पाया काबू

यूपी के नोएडा स्थित ड्रीम टेंट हाउस-मैरिज लॉन में भीषण आग लगने से बड़ा नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि इस आग में कोई जनहानि नहीं हुई।

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(फाइल फोटो)

Photo : Times Now Digital

नोएडा: सेक्टर 122 में गुरुवार को ड्रीम टेंट हाउस और मैरिज लॉन में भीषण आग लग गई। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची दमकल की छह गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि इस आग में कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, जब फायर ब्रिगेड को फोन किया गया था तब उन्हें बताया गया था कि आग में कुछ लोगों के फंसे होने की संभावना है। जानकारी के मुताबिक, दमकल नियंत्रण कक्ष को पर्थला के खंजरपुर सेक्टर 122 स्थित ड्रीम टेंट हाउस और मैरिज लॉन में आग लगने की सूचना मिली। सूचना के बाद तुरंत दमकल की 6 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। करीब डेढ़ से दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकलकर्मियों ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि जैसे ही दमकल नियंत्रण कक्ष से सूचना मिली तो तुरंत 6 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। जिस जगह आग लगी, वह घनी आबादी वाला इलाका था, इसलिए आग पर काबू पाना प्राथमिकता थी। फायर ब्रिगेड की टीम ने हौज लाइन बिछाकर आग पर काबू पाने का काम शुरू किया। घटनास्थल के पास एक पोस्ट ऑफिस और घनी आबादी का इलाका था, जिससे खतरा और बढ़ गया था।

उन्होंने यह भी बताया कि फायर ब्रिगेड की टीम ने यह सुनिश्चित किया कि अंदर कोई व्यक्ति न हो और कोई फंसा न हो, जिसके बाद तेजी से आग बुझाने का कार्य शुरू किया गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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