Greater Noida University Murder Case : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित छात्रा की हत्या किए जाने का मामला तो आपको याद ही होगा। इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। दादरी की यूनिवर्सिटी में छात्र अनुज ने सहपाठी छात्रा को जिस पिस्टल से मौत के घाट उतारा था, उसे एक महीने पहीले ही खरीदा गया था। शनिवार को पुलिस ने तीन लोगों को तमंचे के साथ गिरफ्तार किया और इस रहस्य से पर्दा उठाया। पुलिस कहा कहना है कि, आरोपी छात्र अनुज ने छात्रा की हत्या के लिए 35 हजार रुपए में पिस्टल और 5 कारतूस खरीदे थे। इस बात का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने आरोपी के बैंक अकाउंट को खंगाला। गौरतलब है कि, 18 मई को अमरोहा निवासी छात्र अनुज ने कानपुर निवासी सहपाठी छात्रा को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। दोनों ही बीए थर्ड ईयर के स्टूडेंट थे। इसके बाद अनुज ने भी आत्महत्या कर ली थी।
इन तीन लोगों को किया गया गिरफ्तार
दादरी पुलिस ने छात्रा के स्वजन की शिकायत पर यूनिवर्सिटी प्रबंधन समेत पांच लोगों पर मामला दर्ज किया था। पुलिस ने बताया है कि, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (केजीपी) पर अकबरपुर गांव के पास शनिवार को चेकिंग लगाई गई थी। इस दौरान बुलंदशहर भौरा के नवीन भाटी, ग्रेनो सुपरटेक ज़ार सोसायटी के दिव्यांश अवस्थी और लखनऊ के रहने वाले शेखर कौशल को पकड़ा गया। ये तीन वही युवक हैं, जिन्होंने आरोपी अनुज को 35 हजार रुपए में पिस्टल दिलवाई थी।
लखनऊ से आई थी पिस्टल
मामले की जांच के दौरान, पुलिस ने आरोपी छात्र अनुज के बैंक अकाउंट खंगाले तो कई ट्रांजेक्शन सामने आए। इसमें सबसे बड़ा भुगतान पिस्टल खरीदने के लिए किया गया था। इसी बिंदु को आधार मानकर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और तीनों युवकों को पकड़ा। पुलिस का कहना है कि, लखनऊ से पिस्टल को कौशल लेकर आया था, जिसके बाद ये दिव्यांश के पास थी।
कैसे खरीदा गया हथियार
पुलिस ने नवीन के हवाले से बताया है कि, आरोपी छात्र अनुज सिकंदराबाद के पास एक स्कूल में कक्षा 6 से 12 तक के स्टूडेंट्स को पढ़ाता था। वहीं नवीन एंबुलेंस चालक था, जिसकी दोस्ती अनुज से हो गई थी। दिन पर दिन ये दोस्ती और भी गहरी होती गई। करीब अप्रैल के आसपास उसने नवीन से पिस्टल खरीदने की बात की थी। तब नवीन ने दिव्यांश का नाम लेते हुए बताया कि उसके दोस्त शेखर के पास पिस्टल है, जो कि 35 हजार की है। इस पर अनुज तैयार हो गया और 18 अप्रैल को ग्रेटर नोएडज्ञ से नवीन के घर पहुंचा। यहां उसने पहले एक पेमेंट 13 हजार का किया और दूसरा 12 हजार का और शेष रकम नगद दी। जिसके बाद 19 अप्रैल को दोनों ग्रेटर नोएडा में दिव्यांश के घर पहुंचे, जहां शेखर ने पिस्टल दे दी।
छुट्टियों से पहले हत्या की थी योजना
नवीन, दिव्यांश और शेखर के बयान के मुताबिक पुलिस ने बताया कि, अनुज ने पिस्टल और पांच कारतूस ये कहकर खरीदी कि उसे दूसरे स्टूडेंट्स पर रौब जमाना है। जिसे लेकर वह 20 अप्रैल को यूनिवर्सिटी पहुंचा। गर्मी की छुट्टियों से पहले ही अनुज ने छात्रा की हत्या का प्लान तैयार कर लिया था।
