नोएडा

कैसे होंगे आपके काम, जबकि नोएडा अथॉरिटी में 60 फीसद पद खाली पड़े हैं

नोएडा प्राधिकरण में स्वीकृत पदों की 60% अधिकारियों- कर्मचारियों के पद खाली हैं, जिससे काम पर असर पड़ता है और हफ्ते भर में होने वाले काम को पूरा करने में महीने भर का समय लग जाता है। इतना ही पहले से ट्रांसफर हो चुके अधिकारियों को अभी तक रिलीव नहीं किया गया है। इसी बीच शासन ने सख्ती बरतते हुए 6 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है, जिससे हड़कंप मच गया है-

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नोएडा अथॉरिटी में खाली पड़ें हैं 60 फीसद पद

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल
KEY HIGHLIGHTS
  • नोएडा प्राधिकरण में 60% पद खाली
  • पहले से निलंबति को नहीं मिला है रिलीव
  • नोएडा प्राधिकरण के 6 अधिकारी निलंबित

Noida: नोएडा प्राधिकरण में स्वीकृत पदों के हिसाब से करीब 60% अधिकारियों-कर्मचारियों के पद खाली हैं, जिससे लोगों के काम पर असर पड़ रहा है। लोगों की कमी होने से एक सप्ताह में होने वाले काम को पूरा करने में 15 से 20 दिन तो कभी-कभी एक महीना भी लग जाता है। अब अधिकारियों के निलंबित होने का सिलसिला शुरू होने से आने वाले दिनों में व्यवस्था और बिगड़ सकती है। जिन अधिकारियों-कर्मचारियों के साल 2022 और 2023 में तबादला हुआ था, उनको अभी तक प्राधिकरण से रिलीव नहीं किया गया था। रिलीव करने के लिए शासन से कई बार पत्र आए, लेकिन अधिकारियों ने कर्मचारियों की कमी होने का हवाला देते हुए कोई एक्शन नहीं लिया। अब शासन ने इस मामले में सख्ती बरतते हुए चार दिन पहले नोएडा प्राधिकरण के 6 अधिकारियों को निलंबित कर दिया। तीन के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए। शासन की इस कार्रवाई में प्राधिकरण में हड़कंप मच गया है।

विभाग में करीब 2187 पद स्वीकृत

पहले प्राधिकरण में स्वीकृत पद के हिसाब से अधिकारियों-कर्मचारियों की कमी है। यहां पर अलग-अलग विभाग में करीब 2187 पद स्वीकृत हैं, जिसमें से इस समय 882 पर कर्मचारी और अधिकारी काम कर रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत नियोजन विभाग में है। यहां पर 40 पद मंजूर हैं, जिनमें सिर्फ दस पद पर स्थाई अधिकारी और कर्मचारी काम कर रहे हैं। प्रतिशत से अधिक तक कर्मचारियों की कमी है। हाल ही में तबादले के बाद भी पद नहीं छोड़ने पर नियोजन विभाग के दो अधिकारी निलंबित हुए हैं, जबकि पर विभागीय जांच होगी। इनमें से एक अधिकारी छह महीने बाद सेवानिवृत्त होने वाली हैं।

तबादला लिस्ट आने की चर्चा

जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई, वे वर्ष 2022 और 23 में तबादला होने के बाद भी नहीं जाने पर की गई। इस साल औद्योगिक विकास प्राधिकरण में तबादला सूची नहीं आई। सूत्रों का कहना है कि कार्रवाई के बाद अब इस सप्ताह तबादला सूची भी आ सकती है। ऐसे में बचे रहे गए अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

अभी तक नहीं मिला रिलीव

बता दें कि प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम से मिलकर अपनी बात रखी। प्राधिकरण के सुशील भाटी, नरदेव, यूएस फारूख, सुमित ग्रोवर, बिजेंद्र कोमर और प्रमोद ने सीईओ से कहा कि उनकी क्या गलती थी, जिसके आधार पर उन्हें निलंबित किया गया। अगर अधिकारी रिलीव कर देते तो हम यहां नहीं रहते। सीईओ ने भरोसा ये काम प्रभावित हो रहे है। भूलेख विभाग में लेखपाल और दिलाया कि उनकी इस गंभीर मांग को शासन स्तर तक पहुंचाया जाएगा। अभी इनको कार्मिक विभाग से अटैच कर दिया गया है।

स्टाफ की काफी कमी है

शासन को स्टाफ देने के लिए पत्र लिखा जा रहा है। कम स्टाफ के सहारे काम करने में काफी दिक्कतें आती हैं। डॉ. लोकेश एम, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण तहसीलदारों की कमी की वजह से किसानों की जमीन की पैमाइश, जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया, अतिक्रमण हटाने समेत अन्य कामकाज प्रभावित हो रहे हैं।

Maahi Yashodhar
Maahi Yashodharauthor

माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

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