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Noida News: Sports City में 20 हजार फ्लैट बनने की जगी आस, खेल सुविधाओं को लेकर अब भी शक!

नोएडा के सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी में करीब 20 हजार फ्लैट बनने की उम्मीद फिर से जगी है। बिल्डर ने संशोधित लेआउट प्लान नोएडा अथॉरिटी को सौंप दिया है। अब अगले 10-15 दिनों में अथॉरिटी से मंजूरी पर फैसला संभव है। हालांकि, खेल सुविधाओं के विकास को लेकर संशय अब भी बना हुआ है।

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नोएडा स्पोर्ट्स सिटी को लेकर अच्छी खबर

दिल्ली से सटा नोएडा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रहने का सपना देखने वालों के लिए एक बड़ा ठिकाना है। बड़ी संख्या में देशभर से लोग दिल्ली-एनसीआर में रहने के लिए आते हैं और फिर उनका नया पता नोएडा बन जाता है। ऐसे ही बहुत से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए नोएडा में स्पोर्ट्स सिटी की परिकल्पना की गई थी। अथॉरिटी ने एक बिल्डर को जमीन आवंटित की और फिर उस बिल्डर ने अन्य कई छोटे-छोटे बिल्डरों को प्रोजेक्ट लॉन्च करने के लिए जमीन दे दी। उन्होंने अपने प्रोजेक्ट लॉन्च भी किए। लेकिन घर खरीददार एक बार फिर ठगे गए। लेकिन अब स्पोर्ट्स सिटी में 20 हजार फ्लैट बनने की आस फिर से जग गई है।

यह स्पोर्ट्स सिटी, सिटी नोएडा के सेक्टर 150 में प्रस्तावित है। यहां करीब 20 हजार नए फ्लैट बनने का रास्ता साफ हो गया है। लेकिन स्पोर्ट्स सिटी में खेल सुविधाएं विकसित होंगी या नहीं, इस पर अब भी संशय बना हुआ है। दैनिक हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक बिल्डर ने कल यानी सोमवार 5 जनवरी को इस भूखंड का संशोधित प्लान नोएडा अथॉरिटी को सौंप दिया है। अब अथॉरिटी इस प्लान की तकनीकी और शर्तों के आधार पर जांच करेगा और आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

कितने दिन में प्लान पर फैसला लेगा प्राधिकरण

नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों के मुताबिक यह लेआउट प्लान सेक्टर 150 के भूखंड नंबर 2 से जुड़ा है। प्लान की गहराई से जांच की जाएगी और खेल सुविधाओं के विकास सहित प्राधिकरण की सभी शर्तें पूरी होने पर इसे मंजूरी दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार अगले 10-15 दिनों में लेआउट प्लान की जांच पूरी करके प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है। प्रश्न अब भी खेल सुविधाओं को लेकर है, जिसे केंद्र में रखकर स्पोर्ट्स सिटी की परिकल्पना की गई और घर खरीददारों ने अपने खून-पसीने की कमाई को यहां निवेश किया।

कितना बड़ा है स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट

13.29 लाख वर्ग मीटर क्षेत्रफल का यह भूखंड नोएडा अथॉरिटी ने पहले यह भूखंड लोटस ग्रीन बिल्डर को आवंटित किया था। बाद में लोटस ग्रीन बिल्डर ने इसे 24 छोटे बिल्डरों को बेच दिया। अब यहां पर 24 अलग-अलग ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। लेआउट प्लान को मंजूरी मिलने के बाद सभी 24 बिल्डर अपनी-अपनी परियोजनाओं से जुड़ा विस्तृत प्लान अथॉरिटी को सौंपेंगे।

पांच हजार लोगों का घर

फिलहार यहां पर आठ परियोजनाओं में 5 हजार से ज्यादा लोग रह रहे हैं। इसके अलावा लगभग 9 हजार फ्लैटों के लिए टावरों का ढांचा भी पहले ही खड़ा हो चुका है। बची हुई खाली जमीन पर 11 हजार अतिरिक्त फ्लैट बनाए जाने का अनुमान है। हालांकि, यह सब अंति FAR की मंजूरी के बाद ही तय हो पाएगा। लेकिन चिंताजनक बात ये है कि जिस जमीन पर खेल सुविधाओं का विकास होना था, वहां पर भी बिल्डिंगों के ढांचे खड़े कर दिए गए हैं।

खेल सुविधाएं खड़ी करना बड़ी चुनौती

कोर्ट के आदेश पर सिर्फ भूखंड संख्या 2 से रोक हटने के बाद स्पोर्ट्स सिटी के अन्य सेक्टरों 78, 79, 150, 152 में रहने वाले लोगों को भी रजिस्ट्री की उम्मीद जगी है। हालांकि, बड़ी चुनौती अब भी खेल सुविधाओं का विकास ही है। 2021 में बोर्ड बैठक के बाद लगी रोक खेल सुविधाओं से जुड़ी सख्त शर्तें बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। बिल्डरों को खेल सुविधाएं विकसित करने के लिए 70 फीसद जगह खाली छोड़नी थी, लेकिन ऐसा होता प्रतीत नहीं हो रहा है। अब इसका व्यवहारिक समाधान निकालना अथॉरिटी के लिए चुनौती है, ताकि बिल्डर समय पर प्रोजेक्ट भी पूरा करें, लोगों को घर के साथ खेल सुविधाएं भी मिल सकें।

FAQs

नोएडा स्पोर्ट्स सिटी कहां है?

यह परियोजना नोएडा के सेक्टर-150 में स्थित है, जो दिल्ली-एनसीआर का प्रमुख रियल एस्टेट हब माना जाता है।

स्पोर्ट्स सिटी में कितने फ्लैट बनने की संभावना है?

लेआउट प्लान किसने और कब जमा किया है?

प्लान को मंजूरी मिलने में कितना समय लगेगा?

स्पोर्ट्स सिटी का कुल क्षेत्रफल कितना है?

क्या अभी लोग स्पोर्ट्स सिटी में रह रहे हैं?

खेल सुविधाओं को लेकर क्या समस्या है?

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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