Noida News: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आज भी बहुत सी सोसाइटी ऐसी हैं, जहां लोग रह तो सालों से रह रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें मालिकाना हक नहीं मिला है। फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं होने से लोग काफी परेशान हैं। आज सुप्रीम कोर्ट से एक राहत की खबर आई है। सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक बिल्डर के बहुचर्चित सुपरनोवा प्रोजेक्ट को लेकर अहम फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने घर खरीदारों को बड़ी राहत देते हुए 397 फ्लैटों के मालिकों को मालिकाना हक देने की बात कही है। यानी अब इन फ्लैटों की रजिस्ट्री शुरू होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने सुपरनोवा प्रोजेक्ट में घर खरीदने वाले घर खरीदारों के लिए राहत का फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 497 घर खरीदारों को अब उनके फ्लैटों का मालिकाना हक मिल जाएगा। जल्द ही उनकी रजिस्ट्री शुरू हो जाएगी। बता दें कि नोवा ईस्ट और नोवा वेस्ट में कुल 583 फ्लैट्स हैं। इनमें से अब तक 85 की रजिस्ट्री हो चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट ने सुपरनोवा के IRP को भंग कर दिया है। शीर्ष अदालत ने इसके लिए एक नई समिति का गठन किया है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व जस्टिस इस नई समिति के अध्यक्ष होंगे। इसके अलावा सुपरनोवा प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए अब यही नई समिति नए डेवलपर का चुनाव भी करेगी।
अब न सिर्फ इस प्रोजेक्ट का काम पूरा किया जाएगा, बल्कि लोगों की रुकी हुई रजिस्ट्री भी की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद घर खरीदारों में उत्साह भर गया और उन्होंने इसे सुप्रीम कोर्ट का लैंडमार्क जजमेंट करार दिया। ज्ञात हो कि सुपरटेक के सुपरनोवा प्रोजेक्ट पर नोएडा अथॉरिटी का लगभग 3300 करोड़ रुपये बकाया है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि परियोजना के पूरा होने के बाद सबसे पहले बैंक का बकाया दिया जाएगा, उसके बाद ही नोएडा अथॉरिटी को उसका बकाया वापस मिलेगा।
