Noida News: नोएडावासियों के लिए अच्छी खबर है। उन्हें जल्द ही नोएडा का पहला स्काईवॉक मिलने वाला है। 15 अगस्त तक इसे आम जनता के लिए खोलने की तैयारी चल रही है। यह स्काईवॉक दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन के सेक्टर-52 स्टेशन को सीधे नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के सेक्टर-51 स्टेशन से जोड़ेगा। इसके शुरू होने के बाद यात्रियों को दोनों स्टेशनों के बीच इंटरचेंज करने में आसानी होगी और उन्हें सड़क भी नहीं पार करनी पड़ेगी।
इंटरचेंज होगा आसान और सुरक्षित
फिलहाल सेक्टर-51 और 52 मेट्रो स्टेशनों के बीच सफर करने वाले यात्रियों को इंटरचेंज करने के लिए सड़क से होते हुए जाना पड़ता है, जिससे उन्हें भीड़ और असुविधा का सामना करना पड़ता है। अब नए स्काईवॉक के शुरू होने के बाद दोनों स्टेशनों के बीच पैदल आवाजाही तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक हो सकेगी।
करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा प्रोजेक्ट
नोएडा प्राधिकरण ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य 2023 में शुरू कराया था। इस परियोजना पर अब तक करीब 45 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है, इसे तय समय पर जनता के लिए खोलने की तैयारी की जा रही है।
डिजाइन में बदलाव के बाद बढ़ी लंबाई
निर्माण कार्य के दौरान स्काईवॉक के डिजाइन में कुछ तकनीकी बदलाव किए गए। अब इसे मेट्रो स्टेशन की लिफ्ट के सामने से जोड़ा जा रहा है, जिससे यात्रियों को सीधे और आसान पहुंच मिल सकेगी। इस बदलाव की वजह से इसकी लंबाई भी पहले की तुलना में बढ़ गई है। स्काईवॉक की चौड़ाई लगभग 6 मीटर बनाई गई है, जिससे व्यस्त समय यानी पीक टाइम में भी लोगों की आवाजाही सुचारु बनी रहेगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा स्काईवॉक
स्काईवॉक में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया है। इसमें बेहतर एलईडी लाइटिंग, मजबूत रेलिंग, दिव्यांगजनों के लिए आसान पहुंच और सुरक्षित पैदल रास्ता जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे दोनों मेट्रो स्टेशनों के बीच इंटरचेंज का अनुभव पहले की तुलना में कहीं अधिक आधुनिक और आरामदायक बनेगा।
15 अगस्त तक उद्घाटन की तैयारी
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक एसपी सिंह ने बताया कि परियोजना से जुड़ी सभी तकनीकी चुनौतियों का समाधान कर लिया गया है। निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। 15 अगस्त तक नोएडा का पहला स्काईवॉक आम जनता को समर्पित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके शुरू होने से रोजाना हजारों मेट्रो यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
